बेगमगंज से सुल्तानगंज जा रही सरगम बस सर्विस की खटारा बस के सामने अचानक बाइक सवार के आ जाने से चालक बस का संतुलन खो बैठा और बस बाइक सवार को टक्कर मारती हुई घाटी पर पलट गई।
इससे बाइक सवार की घटना स्थल पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि बस चालक घटना के बाद फरार हो गया। बाइक पर पीछे बैठे युवक सहित बस के 13 लोग घायल हो गए। इनमें से 6 की हालत गंभीर होने से भोपाल रेफर किया गया है।
एक्सीडेंट होने के बाद वहां से गुजरने वालों ने बस से घायलों को बाहर निकला और पुलिस को सूचना दी। इसके बाद ही 108 एंबूलेंस सहित अन्य एम्बूलेंस व वाहनों से घायलों को बेगमगंज सिविल अस्पताल लाया गया। घायलों की चीख पुकार से लोग उन्हें वाहनों से उतारने में अपने आपको असमर्थ महसूस कर रहे थे। ऐसे में साबिर सिकंदर, नासिर नवाब, तारिक खान, जाकिर खां ने घायलों को खून से लथपथ हालत में वाहनों से उतारकर अस्पताल में पहुंचायाभोपाल रेफर किए गए गंभीर घायल
बाइक पर बैठे अमरसिंह पुत्र गजराज सिंह, रामनरेश यादव पुत्र शेरसिंह यादव 28 वर्ष नईगढ़िया, मुन्नीबाई पत्नी प्रहलाद सिंह 35 वर्ष विशनपुर सागर, बारोबाई पत्नि संतोष 30 वर्ष घोघरी, कलु पुत्र प्रहलाद सिंह 30 वर्ष मरखंडी, गुलाब सिंह तोमर पुत्र भभूतसिंह 50 वर्ष उमरहारी शामिल है।
और नेता भी पहुंचे अस्पताल
घटना की जानकारी होते ही क्षेत्रीय विधायक देवेन्द्र पटेल अपने साथियों के साथ पहुंचे और घायलों को ढांढस बंधाते हुए हर संभव मदद का भरोसा दिलाया। इसी दौरान भाजपा कार्यकर्ता सम्मेलन में शामिल होने आए हाऊसिंग बोर्ड अध्यक्ष रामपालसिंह भी अस्पताल पहुंच गए। हालांकि, क्षेत्र के मौजूदा और भूतपूर्व विधायकों ने खटारा बसों के अवैध संचालन को रोकने या कार्रवाई करवाने के बारे में एक शब्द भी नहीं कहा। इसके साथ ही स्थानीय पुलिस अधिकारियों ने भी बसों के अवैध संचालन को लेकर मुंह बंद ही रखा।
मिलीभगत से दौड़ रही हैं खटारा बसें
परिवहन विभाग की मिली भगत से बेगमगंज सुल्तानगंज मार्ग पर जर्जर बसें बिना परमिट दौड़ रहीं है, जो आए दिन दुर्घटना का कारण बनती हैं। अभी तक करीब एक दर्जन दुर्घटनाएं ऐसी ही खटारा बसों व मिनी बसों से हो चुकी है। सुल्तानगंज मार्ग के अतिरिक्त पढ़रिया राजाधार, धामनोद दासीपुर, हैदरगढ़, वीरपुर, मड़खेड़ा टप्पा, हरदौट, महुआखेड़ा, चौका कल्याणपुर मार्गो पर बिना परमिट खटारा बसें एवं टैक्सियां चल रहीं है। आरटीओ एवं पुलिस विभाग से इनकी सांटगांठ के चलते अंकुश लगना मुश्किल है। बस वालों से बस स्टैंड पर खुलेआम पुलिस वाले चौथ वसूली करते हैं।


