उल्हासनगर में एक पिता ने कर्ज चुकाने के लिए बेटी का ही रेप करवा दिया। पुलिस ने आरोपी पिता को गिरफ्तार कर लिया है। पीडिता की मां और पारिवारिक मित्र निसार खान फरार हैं। उल्हासनगर में रहने वाली 16 साल की लड़की ने आरोप लगाया था कि उसके माता-पिता ने 50 हजार का कर्ज चुकाने के लिए एक व्यक्ति से सेक्स करने के लिए मजबूर किया।
पुलिस की कार्रवाई से बचने के लिए घर वालों ने पीडिता को यूपी भेज दिया था। शुक्रवार को यूपी पुलिस पीडिता को लेकर मुंबई पहुंची और उसे विट्ठलवाड़ी पुलिस के सुपुर्द कर दिया। बाद में चाइल्ड वेलफेयर कमेटी और पुलिस ने पीडिता का बयान दर्ज किया। पीडिता के बयान के आधार पर पुलिस ने तीन लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया। विट्ठलवाड़ी थाने के सीनियर इंस्पेक्टर चंद्रकांत देशमुख ने कहा कि प्रारंभिक जांच में पता चला है कि पीडिता की मां के साथ निसार खान के अवैध संबंध थे। सबसे पहले मां ने ही उसे निसार खान के साथ सेक्स संबंध बनाने के लिए मजबूर किया था। पुलिस ने अब मामला कोलसेवाडी पुलिस स्टेशन को सौंप दिया है, क्योंकि सबसे पहले अपराध उसी इलाके में हुआ था। पीडिता को बाल कल्याण केन्द्र भेज दिया गया है।
पीडिता ने बताया कि उसका परिवार खाडेगोलीवली इलाके में किराए पर रहता था। उसके माता-पिता ने नया कमरा खरीदने के लिए निसार खान से पचार हजार रूपए उधार लिए थे। निसार खान इस परिवार से परिचित था और वह उन्हीं के साथ रहता था। जब उसके माता-पिता कर्ज नहीं चुका पाए तो दो साल पहले निसार खान ने उसके साथ छेड़खानी शुरू कर दी। उसके माता-पिता ने कोई विरोध नहीं किया।
जब उसके पिता काम पर चले जाते तो मां निसार खान के साथ सेक्स करने के लिए मजबूर करती। जब उसने विरोध किया तो वे उसे धमकाने लगे। अगस्त,12 में जब उसका परिवार शिव नगर में शिफ्ट हो गया, तब निसार खान भी वहां आ गया। एक रात निसार खान ने उसे साथ जबरदस्ती की। उस वक्त उसके माता-पिता और दो छोटे भाई सो रहे थे। इससे पीड़िता अवसाद में आ गई। स्कूल में पढ़ने वाली छात्रा ने हिम्मत कर टीचर को सारी बात बताई।
इस पर स्कूल प्रशासन ने उसके मां-बाप को बुलाया और निसार खान के खिलाफ कार्रवाई करने को कहा। इस पर पीडिता के माता-पिता ने उसे स्कूल भेजना ही बंद कर दिया। बाद में उसे उत्तर प्रदेश भेज दिया। इसके बाद स्कूल प्रिंसिपल अंजू सिंह ने एक एनजीओ से संपर्क किया। एनजीओ ने ठाणे के सीडब्ल्यूसी को शिकायत की। समिति ने विट्ठलवाड़ी पुलिस को शिकायत की, लेकिन पुलिस ने यह कहते हुए शिकायत दर्ज करने से इनकार कर दिया कि पीडिता ने सीधे शिकायत नहीं की है। इसके बाद सीडब्ल्यूसी ने पुलिस को समन जारी किया। दबाव में आई पुलिस ने यूपी पुलिस से संपर्क किया। इसके बाद ही यूपी पुलिस पीडिता को मुंबई लेकर आई।