- जन समस्याओं के त्वरित समाधान, अपराध नियंत्रण एवं नागरिकों से सीधा संवाद
- मौके पर ही किया गया जनता की समस्याओं का त्वरित और प्रभावी समाधान
यह कार्यक्रम पुलिस महानिरीक्षक रीवा जोन गौरव राजपूत के निर्देशन एवं उप पुलिस महानिरीक्षक रीवा हेमंत चौहान के मार्गदर्शन में जोन के सभी 6 जिलों (रीवा, सीधी, सतना, सिंगरौली, मऊगंज और मैहर) के 141 थाना एवं चौकी क्षेत्रों में एक साथ आयोजित किया गया।
जन चौपाल / जन संवाद मध्य प्रदेश में लागू एक community policing पहल है, जिसके माध्यम से पुलिस और नागरिकों के बीच स्थानीय स्तर पर सीधा संवाद स्थापित किया जाता है। यह एक सहभागितापूर्ण मंच है, जहाँ समुदाय अपनी सुरक्षा संबंधी चिंताओं को साझा करता है, स्थानीय समस्याओं की पहचान करता है और पुलिस के साथ मिलकर समाधान विकसित करता है। यह मॉडल technology-enabled और evidence-based दृष्टिकोण पर आधारित है, जिसमें CCTV, डिजिटल प्लेटफॉर्म्स और त्वरित रिपोर्टिंग तंत्र का उपयोग किया जाता है। साथ ही, इसमें समुदाय के भीतर संसाधनों के साझा उपयोग (resource sharing) को बढ़ावा दिया जाता है, जिससे सामूहिक जिम्मेदारी और सार्वजनिक सुरक्षा के प्रति स्वामित्व की भावना सुदृढ़ होती है।
इस कार्यक्रम के तहत सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों, राजपत्रित अधिकारियों और थाना प्रभारियों ने स्वयं गांवों और वार्डों में पहुंचकर जनता से सीधा संवाद किया तथा उनकी समस्याओं, सुझावों एवं शिकायतों को सुनकर त्वरित निराकरण किया।
इस जन-चौपाल के दौरान अवैध मादक पदार्थों की बिक्री एवं नशे के कारोबार पर प्रभावी रोकथाम, विशेष रूप से कोरेक्स जैसे नशीले पदार्थों की अवैध बिक्री पर चर्चा की गई। साथ ही साइबर अपराधों एवं ऑनलाइन फ्रॉड से बचाव, बैंकिंग धोखाधड़ी, ओटीपी फ्रॉड, सोशल मीडिया अपराधों की रोकथाम के संबंध में नागरिकों को जागरूक किया गया।
कार्यक्रम में महिला उत्पीड़न, घरेलू हिंसा, छेड़छाड़, साइबर उत्पीड़न तथा महिलाओं पर होने वाले अत्याचारों के संबंध में चर्चा कर आवश्यक कानूनी सहायता एवं पुलिस सहायता की जानकारी दी गई।
इसके अतिरिक्त स्थानीय स्तर पर नागरिकों द्वारा बताई जाने वाली अन्य समस्याओं जैसे यातायात व्यवस्था, असामाजिक तत्वों की गतिविधियां, शांति व्यवस्था, सार्वजनिक शिकायतें एवं थाना क्षेत्र की अन्य समस्याओं का भी मौके पर निराकरण किया गया।

जिलेवार जन-चौपाल कार्यक्रमों की प्रमुख झलकियां:
सीधी: 19 स्थानों पर आयोजन
अभियान का शुभारंभ थाना चुरहट के ग्राम पचोखर में पुलिस महानिरीक्षक श्री गौरव राजपूत के द्वारा किया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि "जन चौपाल" कोई एक दिन का आयोजन नहीं है, बल्कि पुलिसिंग को जन-केंद्रित और जवाबदेह बनाने की एक निरंतर प्रक्रिया है। अब से यह कार्यक्रम प्रत्येक माह के अंतिम मंगलवार को रीवा जोन के समस्त थाना क्षेत्रों में नियमित रूप से आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम के अंत में शहीद स्व. सुधाकर सिंह के पिता श्री सच्चिदानंद सिंह एवं महिला सरपंच श्रीमती विमलेश पटेल को शॉल-श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया गया। जिले में 19 स्थानों पर चौपाल लगी, जहाँ लगभग 150 पुलिस अधिकारियों ने 2500 से अधिक नागरिकों से संवाद किया।
रीवा: साइबर फ्रॉड और महिला सुरक्षा पर विशेष जोर
जिले के समस्त थानों में जन चौपाल लगाई गई। अधिकारियों ने ग्रामीणों के बीच उपस्थित रहकर साइबर फ्रॉड और महिला सुरक्षा पर विशेष जोर देते हुए अपराध व अपराधियों की सूचना गोपनीय रूप से पुलिस को देने की अपील की एवं शिक्षा के महत्व पर प्रकाश डाला।
मऊगंज:
जिले के ग्राम सलैया खास, गौरी, माडौ और नौढिया में चौपालें आयोजित हुईं। यहाँ नागरिकों को हेलमेट व सीटबेल्ट के प्रयोग के प्रति जागरूक करते हुए क्षेत्र में पेट्रोलिंग को और अधिक प्रभावी बनाने का आश्वासन दिया गया।
मैहर: डिजिटल अरेस्ट और नशामुक्ति पर जन-जागरूकता
ग्राम गंजास एवं जीतनगर में मुख्य कार्यक्रम हुए। यहाँ कोरेक्स व नशीली दवाओं के दुष्प्रभावों के साथ-साथ नाबालिग बालिकाओं के घर छोड़ने के कारणों एवं वर्तमान साइबर अपराधों (डिजिटल अरेस्ट आदि) पर जनता को विस्तारपूर्वक जागरूक किया गया।
सतना: मौके पर विवादों का निपटारा
थाना रामपुर बघेलान के ग्राम बहेलिया भाट में जिले का मुख्य कार्यक्रम आयोजित हुआ। वहीं शहरी क्षेत्र में कोलगवां, कोतवाली और सिविल लाइन थानों की संयुक्त जन-चौपाल लगाई गई। सभी स्थानों पर पृथक शिकायत डेस्क स्थापित की गई, जहाँ प्राप्त शिकायतों में से आधे से अधिक का मौके पर ही निराकरण कर दिया गया।
सिंगरौली: समस्याओं के लिए बना "पृथक रजिस्टर"
जिले के 24 थाना एवं चौकी क्षेत्रों में जन-चौपालों का वृहद आयोजन हुआ। थाना विन्ध्यनगर के सेक्टर-02 स्थित सामुदायिक भवन में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक ने 300 से अधिक नागरिकों से संवाद किया। उन्होंने निर्देश दिए कि जन-चौपाल में प्राप्त शिकायतों के विधिवत निराकरण हेतु थानों में एक "पृथक रजिस्टर" संधारित किया जाएगा। उन्होंने महिला व बाल सुरक्षा पर विशेष जोर देते हुए नाबालिग बालिकाओं के अपहरण व गुमशुदगी की रोकथाम हेतु विशेष निगरानी के निर्देश दिए। साथ ही बैढ़न, मोरवा, चितरंगी, निगरी सहित जिले के सभी 24 स्थानों पर पुलिस अधिकारियों ने यातायात सुरक्षा, महिला हेल्पलाइन (1091), डायल 112 एवं साइबर सुरक्षा के प्रति आमजन को जागरूक किया।
मध्यप्रदेश पुलिस का उद्देश्य है कि पुलिस और जनता के बीच विश्वास, सहभागिता एवं सहयोग को मजबूत किया जाए तथा प्रत्येक नागरिक को यह अनुभव हो कि पुलिस उसके द्वार पर, उसके साथ और उसकी सुरक्षा के लिए सदैव तत्पर है।
जन चौपाल / जन संवाद मध्य प्रदेश में लागू एक community policing पहल है, जिसके माध्यम से पुलिस और नागरिकों के बीच स्थानीय स्तर पर सीधा संवाद स्थापित किया जाता है। यह एक सहभागितापूर्ण मंच है, जहाँ समुदाय अपनी सुरक्षा संबंधी चिंताओं को साझा करता है, स्थानीय समस्याओं की पहचान करता है और पुलिस के साथ मिलकर समाधान विकसित करता है। यह मॉडल technology-enabled और evidence-based दृष्टिकोण पर आधारित है, जिसमें CCTV, डिजिटल प्लेटफॉर्म्स और त्वरित रिपोर्टिंग तंत्र का उपयोग किया जाता है। साथ ही, इसमें समुदाय के भीतर संसाधनों के साझा उपयोग (resource sharing) को बढ़ावा दिया जाता है, जिससे सामूहिक जिम्मेदारी और सार्वजनिक सुरक्षा के प्रति स्वामित्व की भावना सुदृढ़ होती है।
इस कार्यक्रम के तहत सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों, राजपत्रित अधिकारियों और थाना प्रभारियों ने स्वयं गांवों और वार्डों में पहुंचकर जनता से सीधा संवाद किया तथा उनकी समस्याओं, सुझावों एवं शिकायतों को सुनकर त्वरित निराकरण किया।
इस जन-चौपाल के दौरान अवैध मादक पदार्थों की बिक्री एवं नशे के कारोबार पर प्रभावी रोकथाम, विशेष रूप से कोरेक्स जैसे नशीले पदार्थों की अवैध बिक्री पर चर्चा की गई। साथ ही साइबर अपराधों एवं ऑनलाइन फ्रॉड से बचाव, बैंकिंग धोखाधड़ी, ओटीपी फ्रॉड, सोशल मीडिया अपराधों की रोकथाम के संबंध में नागरिकों को जागरूक किया गया।
कार्यक्रम में महिला उत्पीड़न, घरेलू हिंसा, छेड़छाड़, साइबर उत्पीड़न तथा महिलाओं पर होने वाले अत्याचारों के संबंध में चर्चा कर आवश्यक कानूनी सहायता एवं पुलिस सहायता की जानकारी दी गई।
इसके अतिरिक्त स्थानीय स्तर पर नागरिकों द्वारा बताई जाने वाली अन्य समस्याओं जैसे यातायात व्यवस्था, असामाजिक तत्वों की गतिविधियां, शांति व्यवस्था, सार्वजनिक शिकायतें एवं थाना क्षेत्र की अन्य समस्याओं का भी मौके पर निराकरण किया गया।

जिलेवार जन-चौपाल कार्यक्रमों की प्रमुख झलकियां:
सीधी: 19 स्थानों पर आयोजन
अभियान का शुभारंभ थाना चुरहट के ग्राम पचोखर में पुलिस महानिरीक्षक श्री गौरव राजपूत के द्वारा किया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि "जन चौपाल" कोई एक दिन का आयोजन नहीं है, बल्कि पुलिसिंग को जन-केंद्रित और जवाबदेह बनाने की एक निरंतर प्रक्रिया है। अब से यह कार्यक्रम प्रत्येक माह के अंतिम मंगलवार को रीवा जोन के समस्त थाना क्षेत्रों में नियमित रूप से आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम के अंत में शहीद स्व. सुधाकर सिंह के पिता श्री सच्चिदानंद सिंह एवं महिला सरपंच श्रीमती विमलेश पटेल को शॉल-श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया गया। जिले में 19 स्थानों पर चौपाल लगी, जहाँ लगभग 150 पुलिस अधिकारियों ने 2500 से अधिक नागरिकों से संवाद किया।
रीवा: साइबर फ्रॉड और महिला सुरक्षा पर विशेष जोर
जिले के समस्त थानों में जन चौपाल लगाई गई। अधिकारियों ने ग्रामीणों के बीच उपस्थित रहकर साइबर फ्रॉड और महिला सुरक्षा पर विशेष जोर देते हुए अपराध व अपराधियों की सूचना गोपनीय रूप से पुलिस को देने की अपील की एवं शिक्षा के महत्व पर प्रकाश डाला।
मऊगंज:
जिले के ग्राम सलैया खास, गौरी, माडौ और नौढिया में चौपालें आयोजित हुईं। यहाँ नागरिकों को हेलमेट व सीटबेल्ट के प्रयोग के प्रति जागरूक करते हुए क्षेत्र में पेट्रोलिंग को और अधिक प्रभावी बनाने का आश्वासन दिया गया।
मैहर: डिजिटल अरेस्ट और नशामुक्ति पर जन-जागरूकता
ग्राम गंजास एवं जीतनगर में मुख्य कार्यक्रम हुए। यहाँ कोरेक्स व नशीली दवाओं के दुष्प्रभावों के साथ-साथ नाबालिग बालिकाओं के घर छोड़ने के कारणों एवं वर्तमान साइबर अपराधों (डिजिटल अरेस्ट आदि) पर जनता को विस्तारपूर्वक जागरूक किया गया।
सतना: मौके पर विवादों का निपटारा
थाना रामपुर बघेलान के ग्राम बहेलिया भाट में जिले का मुख्य कार्यक्रम आयोजित हुआ। वहीं शहरी क्षेत्र में कोलगवां, कोतवाली और सिविल लाइन थानों की संयुक्त जन-चौपाल लगाई गई। सभी स्थानों पर पृथक शिकायत डेस्क स्थापित की गई, जहाँ प्राप्त शिकायतों में से आधे से अधिक का मौके पर ही निराकरण कर दिया गया।
सिंगरौली: समस्याओं के लिए बना "पृथक रजिस्टर"
जिले के 24 थाना एवं चौकी क्षेत्रों में जन-चौपालों का वृहद आयोजन हुआ। थाना विन्ध्यनगर के सेक्टर-02 स्थित सामुदायिक भवन में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक ने 300 से अधिक नागरिकों से संवाद किया। उन्होंने निर्देश दिए कि जन-चौपाल में प्राप्त शिकायतों के विधिवत निराकरण हेतु थानों में एक "पृथक रजिस्टर" संधारित किया जाएगा। उन्होंने महिला व बाल सुरक्षा पर विशेष जोर देते हुए नाबालिग बालिकाओं के अपहरण व गुमशुदगी की रोकथाम हेतु विशेष निगरानी के निर्देश दिए। साथ ही बैढ़न, मोरवा, चितरंगी, निगरी सहित जिले के सभी 24 स्थानों पर पुलिस अधिकारियों ने यातायात सुरक्षा, महिला हेल्पलाइन (1091), डायल 112 एवं साइबर सुरक्षा के प्रति आमजन को जागरूक किया।
मध्यप्रदेश पुलिस का उद्देश्य है कि पुलिस और जनता के बीच विश्वास, सहभागिता एवं सहयोग को मजबूत किया जाए तथा प्रत्येक नागरिक को यह अनुभव हो कि पुलिस उसके द्वार पर, उसके साथ और उसकी सुरक्षा के लिए सदैव तत्पर है।
