राज्यपाल
श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने आज यहां देश के प्रथम उप प्रधानमंत्री सरदार
वल्लभ भाई पटेल की प्रतिमा का अनावरण करते हुए कहा कि सरदार पटेल ने 'एक
राष्ट्र-श्रेष्ठ राष्ट्र' का नारा दिया था। इसका अनुसरण करते हुए हर नागरिक
और समाज को देश को श्रेष्ठ और संगठित करने में अपना योगदान देना चाहिए।
उन्होंने कहा कि भारत के एकीकरण में सरदार पटेल का अत्यंत महत्वपूर्ण
योगदान था। इसलिए उन्हें भारत का लौह पुरुष कहा गया है। अखिल भारतीय
गुजराती समाज की मध्यप्रदेश इकाई द्वारा आयोजित समारोह में राज्यपाल ने
सामाजिक कार्यों में उत्कृष्ट योगदान देने वाले प्रबुद्धजनों, मेधावी
छात्र-छात्राओं और महिला उद्यमियों को सम्मानित किया।
राज्यपाल
श्रीमती पटेल ने कहा कि सरदार पटेल विशेष व्यक्तित्व के धनी थे। उनके
विचार आज भी देश के लाखों युवाओं को प्रेरणा देते हैं। सरदार पटेल देश के
ऐसे महान नेता थे, जिन्होंने राष्ट्रीय एकता के लिए सब कुछ समर्पित कर दिया
था। राज्यपाल ने युवाओं से कहा कि सरदार पटेल के विचारों को समझें और
आत्मसात करें। श्रीमती पटेल ने सामाजिक संगठनों को सलाह दी कि स्वच्छता पर
विशेष ध्यान दें तथा जन्म दिन जैसे उत्सवों पर गरीब बच्चों को फल आदि
वितरित करें। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा
गुजरात में स्थापित सरदार पटेल की विश्व की सबसे ऊँची प्रतिमा को अवकाश के
दिनों में बच्चों के साथ अवश्य देखने जायें।
अखिल
भारतीय गुजराती समाज की मध्यप्रदेश इकाई के अध्यक्ष श्री संजय भाई पटेल ने
बताया कि समाज में सभी रोगियों के इलाज के लिए प्रत्येक अस्पताल में एक
लाख रूपये जमा किये गये हैं। उन्होंने कहा कि समाज द्वारा वृक्षारोपण
कार्यक्रम, शिक्षा सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ-समाज के लोगों को यातायात
के नियमों का पालन करने के प्रति जागरूक किया जाता है। समारोह में बड़ी
संख्या में गुजराती समाज के गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।