बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में एक बुजुर्ग महिला की कुदाली मारकर हत्या कर दी गई, जबकि उसके पति का शव पेड़ से लटका हुआ मिला। दोनों रोज करी तरह मवेशी चराने खार गए थे। जब शाम तक दोनों नहीं लौटे तो बेटा और भतीजी ढूंढने के लिए खेत में पहुंचे। इसके बाद वारदात का पता चला। आशंका जताई जा रही है कि किसी बात पर गुस्साए पति ने 60 वर्षीया पत्नी की हत्या कर दी होगी और इसके बाद खुद भी पेड़ से फंदा लगाकर जान दे दी। दामाद की ओर से वृद्ध के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कराया गया है।
खेत में पड़ा था वृद्घा का शव, कुछ दूरी पर पति का शव भी लटकता मिला
सिरगिट्टी थाना क्षेत्र के ग्राम धूमा निवासी रज्जू सूर्यवंशी (65) ने मवेशी पाल रखा था। राेज सुबह इन्हें लेकर चराने गांव के बाहर खार चला जाता था। साथ वृद्ध पत्नी फगनी बाई (60) भी जाती है। दोनों दोपहर तक घर लौट जाते थे। रविवार को सुबह 9-10 बजे निकले। रज्जू अपने साथ कुदाली लेकर जाता था। दोनों शाम तक घर नहीं लौटे। उनके बेटे रितेश व भतीजी रानी उन्हें ढूंढने खार गई तो एक खेत पर फगनी औंधे मुंह पड़ी मिली। उसके सिर पर चोट के निशान थे और आसपास काफी मात्रा में खून बहा था।
रज्जू वहां नहीं था। उसकी कुदाली पड़ी थी। रितेश ने 108 को खबर की। गाड़ी आई तो रितेश अपनी भतीजी के साथ फगनी को लेकर जिला अस्पताल आए। यहां डॉक्टरों ने जांच के बाद फगनी को मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों ने शव को पोस्टमार्टम के लिए मरच्युरी में रखवा दिया। रज्जू का पता नहीं चला तो परिजन उसकी खोजबीन करने गए। उसका शव खार के एक पेड़ पर लटका मिला। पास में ही उसका गमछा भी पड़ा हुआ था। रज्जू के दामाद ने कृष्ण कुमार ने थाने आकर सूचना दी। पुलिस ने रज्जू के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर लिया है।
क्षणिक आवेग में हत्या की आशंका
सिरगिट्टी पुलिस ने इस केस की जांच शुरू कर दी है। किसी ने घटना को नहीं देखा है। आशंका के आधार पर सबकुछ कहा जा रहा है। रज्जू व फगनी के बीच कभी कोई ऐसी बात नहीं हुई, जिसके कारण हत्या की नौबत आ गई हो। पुलिस व परिजनों का मानना है कि खार में ही पति पत्नी के बीच कोई ऐसा विवाद हुआ होगा जिससे रज्जू गुस्से में आया और हत्या कर दी।
रज्जू के तीनों दामाद घर जमाईं, घूमा में ही रहते हैं
पुलिस ने रज्जू के दामाद कृष्ण कुमार अंचल की रिपोर्ट पर हत्या का केस दर्ज किया। कृष्ण दर्रीघाट मस्तूरी का रहने वाला है। रज्जू की तीन बेटियां हैं। कृष्ण कुमार की कैलाश बाई के साथ शादी हुई है। रज्जू का कोई बेटा नहीं है। नीलबाई इनमें बड़ी है। उसकी शादी शिव बंजारे के साथ हुई है। दूसरी शैल बाई का विवाह जोहन के साथ हुआ है। तीनों जमाई घूमा में ही रहते हैं।
