नई दिल्ली। टीम इंडिया के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के नए अध्यक्ष बन गए हैं। 1992 में वनडे में डेब्यू करने वाले गांगुली का 2004-05 के दौरान भारतीय टीम के कोच रहे ऑस्ट्रेलिया के ग्रेग चैपल से बड़ा विवाद हुआ था। इसके चलते उन्हें क्रिकेट से संन्यास लेना पड़ा। गांगुली पूर्व बीसीसीआई अध्यक्ष जगमोहन डालमिया की मदद से क्रिकेट बोर्ड की राजनीति में आए और बंगाल क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष बने थे
गांगुली ने जून 1996 में इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट क्रिकेट में डेब्यू किया। पहले ही टेस्ट में गांगुली ने 131 रन की शतकीय पारी खेली थी। मैच में उन्होंने 3 विकेट भी लिए। उन्होंने अपने दूसरे टेस्ट में भी 136 रन की पारी खेली थी। गांगुली ने 11 जनवरी 1992 को वेस्टइंडीज के खिलाफ वनडे में डेब्यू किया था। इस मैच में उन्होंने 3 रन की पारी खेली थी। इसके बाद वे 4 साल टीम से बाहर रहे और 1996 में उनकी वापसी हुई। उन्होंने आखिरी वनडे पाकिस्तान के खिलाफ 2007 में ग्वालियर में खेला था।
सचिन ने गांगुली की वापसी कराई
चार साल वनडे से बाहर रहे गांगुली को तत्कालीन कप्तान सचिन तेंदुलकर ने टाइटन कप के दौरान 26 अक्टूबर, 1996 को दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ मौका दिया। मैच में सचिन के साथ ओपनिंग करते हुए गांगुली ने 54 रन की पारी खेली। सचिन और गांगुली की जोड़ी 247 मैचों में 12,400 रन के साथ दुनिया की दूसरी सर्वश्रेष्ठ ओपनिंग जोड़ी है। नंबर एक पर श्रीलंका के महेला जयवर्धने और कुमार संगकारा की जोड़ी है। इस नंबर एक जोड़ी ने 293 मैच में 13,368 रन की साझेदारी की।
युवराज-सहवाग समेत कई खिलाड़ियों को मौका दिया
2000 में जब भारतीय टीम मैच फिक्सिंग से जूझ रही थी, तब गांगुली को टीम इंडिया की कप्तानी मिली। उन्होंने युवराज सिंह, वीरेंद्र सहवाग, जहीर खान, आशीष नेहरा, मोहम्मद कैफ और हरभजन सिंह जैसे खिलाड़ियों को मौका दिया। 2002 में युवा टीम के साथ उन्होंने इंग्लैंड में नेटवेस्ट सीरीज जीती। इसके बाद गांगुली ने अपनी कप्तानी में टीम को वर्ल्ड कप-2003 में फाइनल तक पहुंचाया। हालांकि, भारतीय टीम ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ हार गई।
गांगुली ने युवाओं के लिए कई बार अपनी जगह छोड़ी
सौरव गांगुली एक शानदार खिलाड़ी के साथ अच्छे कप्तान भी थे। उन्होंने कई खिलाड़ियों को मौका देने के लिए टीम में अपनी जगह को भी कई बार छोड़ा था। उन्होंने वीरेंद्र सहवाग को खुद की जगह ओपनिंग में जगह दी। इसके अलावा शुरुआती कुछ मैचों में असफल होने वाले महेंद्र सिंह धोनी को गांगुली ने अपनी जगह तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी के लिए भेजा।
गांगुली ने 2008 में अतंरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले लिया था। इसके बाद उन्हें जगमोहन डालमिया ने बंगाल क्रिकेट एसोसिएशन (सीएबी) से जोड़ा। 2015 में डालमिया के निधन के बाद गांगुली ने सीएबी के अध्यक्ष की कमान संभाली।
