नई दिल्ली। असम में तैयार हुई राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर (एनआरसी) की अंतिम सूची आधिकारिक वेबसाइट से गायब (ऑफलाइन) हो गई है। इसके बाद लोगों के डेटा की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हो गए। अब केंद्र सरकार ने सूची ऑफलाइन होने को तकनीकी गड़बड़ी बताते हुए, पूरा डेटा सुरक्षित होने का दावा किया है। बुधवार को गृह मंत्रालय ने कहा- असम में एनआरसी डेटा सुरक्षित है, हालांकि कुछ तकनीकी समस्याएं दिखाई दी हैं और जल्द ही इसका समाधान कर लिया जाएगा।
नागरिकता रजिस्टर की आधिकारिक वेबसाइट पर पिछले कुछ दिनों से एनआरसी की सूची दिखाई नहीं दे रही थी। इसके बाद सूची से बाहर छूट गए लोगों में दहशत फैल गई, क्योंकि इनमें से ज्यादातर लोगों को 'अस्वीकृति प्रमाण पत्र' नहीं मिला था। इसके अभाव में वे नागरिकता साबित करने के लिए कानूनी कदम नहीं उठा सकते थे। इस पर गृह मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा, ‘‘एनआरसी डेटा सुरक्षित है। क्लाउड पर इसके दिखने में कुछ तकनीकी समस्या है। इसे जल्दी ठीक कर लिया जाएगा।’’
पिछले अफसर ने एग्रीमेंट नहीं बढ़ाया
एनआरसी के स्टेट कोऑर्डिनेटर हितेश देव सरमा ने लोगों का डेटा ऑफलाइन होने की बात स्वीकार की है, लेकिन उन्होंने इसके पीछे किसी 'दुर्भावना' के आरोप का खंडन किया है। उन्होंने कहा- डेटा को क्लाउड पर स्टोर करने के लिए आईटी फर्म विप्रो की सेवाएं ली गई थीं। उनके साथ 19 दिसंबर, 2019 तक का ही अनुबंध किया गया था। पुराने कोऑर्डिनेटर ने इसे रिन्यू नहीं किया, इसीलिए विप्रो ने सेवाएं स्थगित कर दीं और 15 दिसंबर से डेटा ऑफलाइन हो गया।
अगले दो-तीन दिन में गड़बड़ी दूर होने का दावा
हितेश देव सरमा ने 9 नवंबर को एनआरसी के राज्य समन्वयक का पद संभाला था। सरमा से पहले इस पद पर रहे प्रतीक हजेला को सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर उनके गृह राज्य मध्यप्रदेश ट्रांसफर कर दिया गया था। उन्होंने कहा कि राज्य समन्वय समिति ने 30 जनवरी को अपनी बैठक में सूची ऑनलाइन रखने के लिए जरूरी औपचारिकताएं पूरी करने का फैसला किया था। समिति ने फरवरी के पहले सप्ताह में विप्रो को इस बारे में पत्र भी लिखा था। उन्होंने कहा, "एक बार विप्रो डेटा को लाइव कर देगा, तो यह दोबारा जनता के लिए उपलब्ध होगा। हमें उम्मीद है कि अगले 2-3 दिनों में लोग इसे एक्सेस कर पाएंगे।"
एनआरसी की अंतिम सूची बेवसाइट पर डाली गई
31 अगस्त, 2019 को एनआरसी की अंतिम सूची प्रकाशित होने के बाद बोनफाइड भारतीय नागरिकों को इसमें शामिल करने या न करने का ब्यौरा आधिकारिक वेबसाइट http://www.nrcassam.nic.in पर अपलोड कर दिया गया था। एनआरसी के लिए आवेदन करने वाले 3,30,27,661 लोगों में से अंतिम सूची में 3,11,21,004 लोगों को शामिल किया गया, जबकि 19,06,657 लोग इससे बाहर छूट गए। छूटे हुए लोग नागरिकता साबित करने के लिए कानूनी मदद ले सकते हैं।
