- आदिवासी युवती को अत्यधिक जलने के कारण गंभीर हालत में भैरुंदा सिविल अस्पताल से भोपाल के हमीदिया अस्पताल रैफर किया गया
- मृत्युपूर्व बयान में युवती ने किसी पर नहीं लगाया कोई आरोप, लेकिन अपने मौजूदा हालात से बेहद निराश होने की बात जरुर सामने आई
- आदिवासी युवती बीते दो माह से ससुराल से आकर मायके में रह रही थी, लेकिन शुरुआती जांच में इसके कारणों का नही हो सका है खुलासा
भैरुंदा (सीहोर)। लाड़कुई गांव में रविवार दोपहर भरे बाजार अचानक एक 26 वर्षीय आदिवासी युवती ने अपने ऊपर पेट्रोल डालकर माचिस से आग लगा ली। इससे वहां अफरा-तफरी मच गई और ग्रामीणों ने तत्काल किसी तरह पानी डालकर आग बुझाई और पुलिस को सूचना दी। सिविल अस्पताल भैरुंदा में प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने ज्यादा जलने और जीवन का संकट होने से भोपाल के हमीदिया अस्पताल रैफर कर दिया। इससे पहले आदिवासी युवती के मृत्युपूर्व बयान में किसी पर कोई आरोप नहीं लगाया, लेकिन कुछ दिनों से निराशा बढ़ने की बात सामने आई है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार रविवार दोपहर लाड़कुई गांव के बीव में सरेआम 26 वर्षीय विनीता पति सुनील ऊईके ने खुद पर पेट्रोल छिड़का और माचिस से आग लगा ली। देखते ही देखते आग की लपटें उठीं और युवती की मर्मांतक चीखों से दहशत फैल गई। वहां मौजूद लोगों ने पानी और गीले कपड़े से किसी तरह आग बुझाने के साथ ही पुलिस को खबर की। तब लाड़कुई पुलिस मौके पर पहुंची और डायल 112 से युवती को भैरूंदा सिविल अस्पताल ले जाया गया। जहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद शरीर का बड़ा हिस्सा झुलसने से बेहतर इलाज के लिए भोपाल के हमीदिया अस्पताल रैफर कर दिया गया। जहां उसकी गंभीर हालत बनी हुई है।
दो महीने से मायके में आकर रह रही थी आदिवासी युवती
एसडीओपी रोशन जैन के अनुसार आदिवासी युवती बीते दो माह से ससुराल गोंडी गुराडिया गांव से आकर अपने मायके लाड़कुई में रह रही थी। हालांकि शुरुआती पूछताछ में यह पता नहीं चल सका है कि आखिर क्यों ससुराल छोड़ मायके में रह रही थी और अचानक खुद को क्यों जलाया। हालांकि कार्यपालिक मजिस्ट्रेट ने भैरुंदा अस्पताल में आदिवासी युवती के मृत्युपूर्व बयान दर्ज किए , जिसमें उसने किसी पर भी कोई आरोप नहीं लगाया है।
घटना को लेकर सदमे में रहवासी, तरह-तरह की चर्चाएं
इस घटना ने पूरे गांव को गहरे सदमे में डाल दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि सब कुछ कुछ ही मिनटों में हो गया और किसी को संभलने का मौका तक नहीं मिला। पुलिस हर पहलू से मामले की जांच कर रही है। पारिवारिक विवाद, मानसिक तनाव या अन्य कारणों की पड़ताल की जा रही है। फिलहाल सबसे बड़ी चिंता युवती की जिंदगी को बचाने की है, जबकि गांव में दहशत और सवालों का माहौल बना हुआ है।
मृत्युपूर्व बयान में किसी पर कोई आरोप नहीं, दुकान से लिया था पेट्रोल
आदिवासी युवती के मृत्युपूर्व बयान में किसी पर भी कोई आरोप नहीं लगाया है। वह पेट्रोल वही की एक दुकान से 100 रुपए में लाई थी, जिसके खिलाफ जांच हो रही है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि अपने को जलाने वाली युवती बीते कुछ दिनों से किसी कारण से निराश थी। परिवार और ससुराल वालों के साथ ही संबंधित सभी से पूछताछ होगी, जिसके बाद ही सही कारण सामने आ सकेगा।
-दीपक शुक्ला, पुलिस अधीक्षक, जिला सीहोर