रेलिक रिपोर्टर, झाबुआ.
आदिवासी अंचल में धीरे-धीरे ठंड अपना असर दिखा रहीं है और
इससे बचने के लिए लोगों को कई तरह के जतन करना पड़ रहे है। सुबह एवं रात्रि
में अलाव जलाकर ठंड को दूर करने का प्रयास किया जा रहा है।
जलेबी, गराडू, गर्म दूध का हो रहा उठाव
वहीं लोगों
द्वारा सुबह जहां अदरक वाली गर्म चाय की चुस्कियां ली जा रहीं है, वहीं
रात्रि में जलेबी, गराडू, मलाई दूध का भी लुत्फ उठाया जा रहा है। ठंड का
अहसास अलसुबह से ही होना शुरू हो जाता है। दोपहर में भी ठंड महसूस की जाने
लगी है। रात्रि में ठंड अत्यधिक होने से लोगों को स्वेटर, जर्सी, कोर्ट
पहनने की आवश्यकता महसूस हो रहीं है। सुबह स्कूल जाने वाले बच्चें स्वेटर
पहनकर स्कूल जा रहे है। सुबह लोग अपने घरों पर जहां अदरक वाली चाय का आनंद
ले रहे है वहीं कई लोग सुबह चाय की दुकानों पर पहुंच जाते है। ऊनी वस्त्रों
की बिक्री भी जमकर हो रहीं है। रात्रि में चादर, रजाई ओढकर सोना ठंड से
राहत दिला रहा है। शाम होते ही होटलों एवं ठेलागाड़ियों पर गर्म-गर्म जलेबी,
गराडू, गर्म दूध बनना शुरू हो जाते है और लोगों की भीड़ जमा हो जाती है।
गर्म-गर्म सादी एवं ईमरती जलेबी, गराडू, दूध का बड़े-बच्चों सहित युवाओ
द्वारा जमकर लुत्फ उठाया जा रहा है।
झाबुआ इलाके में ठंड ने दिखाया असर
नवंबर 22, 2014
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