अरुण सिंह, पन्ना.
बाघ पुनसर्थापना योजना के तहत 22 जनवरी 2014 को पेंच टाइगर रिजर्व से पन्ना लाई गई बाघिन टी-6 ने नन्हे शावकों को जन्म दिया है। पन्ना टाइगर रिजर्व के हिनौता वन परिक्षेत्र में यह बाघिन अपने तीन शावकों के साथ देखी गई है। इस बाघिन के सफल प्रजनन से पन्ना बाघ पुनसर्थापना योजना ने शत - प्रतिशत सफलता हासिल कर ली है जो अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि है। इस विशिष्ट उपलब्धि के साक्षी बनने स्वयं प्रदेश के मुखिया शिवराज सिंह चौहान सपत्नीक पन्ना पहुंचे हैं।
बाघ पुनसर्थापन योजना को मिली शत प्रतिशत सफलता
पन्ना टाइगर रिजर्व में बाघों की संख्या बढ़कर हुई 26
पन्ना टाइगर रिजर्व को मिली इस अनूठी कामयाबी की जानकारी देते हुए क्षेत्र संचालक आर. श्रीनिवास मूर्ति ने बताया कि टी-6 वह बाघिन है जिसे पेंच टाइगर रिजर्व से 22 जनवरी 2014 को पन्ना टाइगर रिजर्व में लाकर पुर्नस्थापित किया गया था। इस बाघिन के द्वारा अपनी पहली संतान अगस्त 2014 में जन्म दिया गया था, लेकिन उनको वह पाल पोसकर बड़ा नहीं कर पाई। पन्ना टाइगर रिजर्व में पूर्ण रूपेण पुनर्स्थापित होने के उपरान्त इस बाघिन ने 1 जनवरी 2015 को अपनी दूसरी संतान को जन्म दिया है। इन नन्हे मेहमानों को पहली बार अपनी मां के साथ विगत 5 मार्च होली के दिन हिनौता वन परिक्षेत्र में देखा गया। इस तरह से पन्ना बाघ पुनसर््थापना योजना के तहत पुर्नस्थापित सभी बाघिनों ने प्रजनन में शत-प्रतिशत सफलता हासिल की है। बाघिन टी-6 के जन्में इन तीन शावकों सहित पन्ना टाइगर रिजर्व में अब बाघों की संख्या 26 हो गई है।
पेंच रिजर्व से लाकर पन्ना में बसाई गई थी टी-6
विशेष गौरतलब बात यह है कि पेंच टाइगर रिजर्व से लाई गई बाघिन टी-6 के साथ ही पन्ना टाइगर रिजर्व में बाघ पुनसर्थापना का दूसरा चरण प्रारंभ हुआ था। यहां नर बाघों की संख्या अधिक होने के कारण दूसरे चरण में दो बाघिनों को पन्ना लाने की योजना बनाई गई थी। दूसरे चरण की शुरूआत करने वाली पेंच टाइगर रिजर्व की इस बाघिन ने नन्हे शावकों को जन्म देकर बाघ पुनसर्थापना योजना को नई ऊंचाई और बुलंदी दी है, जिससे पन्ना टाइगर रिजर्व के अधिकारी, कर्मचारी व मैदानी अमला सहित पन्ना जिले के लोग भी उत्साहित हैं तथा गौरव का अनुभव कर रहे हैं। बाघिन टी-6 की एक विशेषता यह भी है कि यह पांच भाई-बहन थे। ऐसा बहुत ही कम होता है जब कोई बाघिन पांच शावकों को जन्म दे। आमतौर पर तीन या चार शावकों को बाघिन जन्म देती है। तीन वर्ष की उम्र में बाघिन टी-6 पेंच से पन्ना आई और यहां के माहौल में रच-बस गई। अपने तीन नन्हें शावकों के साथ यह बाघिन अब पन्ना टाइगर रिजर्व की शान को बढ़ा रही है। क्षेत्र संचालक श्रीमूर्ति का कहना है कि जन समर्थन से बाघ संरक्षण के नारा को सार्थक बनाने की दिशा में यह परिणाम एक और कदम है।
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान पहुंचे पन्ना रिजर्व
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान सोमवार की शाम को हेलीकाप्टर से पन्ना पहुंचे, जिसकी जानकारी स्थानीय भाजपा नेताओं से लेकर विधायक तक को नहीं थी। मुख्यमंत्री के साथ धर्म पत्नी साधना सिंह भी थीं। मुख्यमंत्री पन्ना में रात्रि विश्राम के साथ ही बाघिन टी-6 के तीन नए शावकों को देखेंगे। बाघों की बढ़ती संख्या से एक बार फिर से मध्यप्रदेश टाइगर स्टेट बनने की ओर अग्रसर है।
