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छात्र-छात्राओं के मानसिक विकास के लिये भी प्रयास करें शिक्षक


भोपाल
राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने आईईएस इन्स्टीटयूट में आयोजित शिक्षकों के वर्कशाप में कहा है कि जिसको शिक्षा नहीं मिलती है, उसका जीवन संर्घषणूर्ण रहता है। जो शिक्षित होता है, वह जीवन को खेल की तरह सरलता से जीता है। जो विद्यार्थी शिक्षा के साथ गुरू के बताए मार्ग पर चलता है, उसका जीवन उत्साहपूर्ण हो जाता है। सही शिक्षा वह है, जिससे युवा जीवन में गलत रास्ते पर चलने से बच जाये। शिक्षकों को छात्र-छात्राओं के मानसिक विकास के लिए भी प्रयास करना चाहिए। छात्र-छात्राओं को जवाबदारी सौंपनी चाहिए, जिससे वे आत्म-निर्भर बन सकें। राज्यपाल ने उत्कृष्ट छात्र-छात्राओं को पुरस्कृत भी किया। इस अवसर पर इंटरनेशनल फेम लाइफ कोच प्रो. प्रजेश टोस्की विशेष रूप से उपस्थित थे।
राज्यपाल ने कहा कि समाज में व्याप्त विकृतियों को दूर करने का प्रयास करना चाहिये और बेटियों को पढ़ाने पर विशेष ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि एक बेटी जब पढ़ती है, तो पूरा परिवार शिक्षित होता है। राज्यपाल ने कहा कि बच्चों में कोर्स की पुस्तकें पढ़ने के अतिरिक्त अन्य पुस्तकें पढ़ने की आदत भी डालें। शिक्षक स्वयं भी पढ़ें।
श्रीमती पटेल ने पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकता प्रतिपादित करते हुए कहा कि सभी छात्र-छात्राओं को वृक्षारोपण करने और उसकी सुरक्षा का दायित्व भी निभाना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस वर्ष महात्मा गांधी की 150वीं जयंती के दौरान शिक्षण संस्थाओं में उनके जीवन पर आधारित झाँकियाँ लगाई जायें। उनसे संबंधित प्रश्नावली तैयार कर छात्रों से उसके उत्तर लिखवायें। इससे युवाओं को गांधी जी के संबंध में जानने का अवसर मिलेगा। श्रीमती पटेल ने कहा कि शिक्षक छात्र-छात्राओं को जातपात और भेदभाव की भावना से ऊपर उठकर देश हित में एक साथ रहने की शिक्षा दें।
इंटरनेशनल फेम लाइफ कोच प्रो. प्रजेश टोस्की ने कहा कि नैतिक और सांस्कृतिक शिक्षा सभी के लिए आवश्यक है। उन्होंने छात्र-छात्राओं से शिक्षा का देश, समाज और परिवार के लिए सही उपयोग करने आव्हान किया। वर्कशाप में आईएएस इन्सटीटयूट के चेयरमेन श्री बी.एस. यादव, मुख्य निर्देशक श्रीमती सुनीता सिंह तथा शिक्षकों ने भाग लिया।

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