भोपाल
भारत निर्वाचन आयोग ने प्रेस नोट जारी कर बताया कि सोशल मीडिया पर समाचार दिखाया गया था कि 27 नवंबर, 2018 को विधानसभा चुनाव की पूर्व संध्या पर रात्रि को 11:00 बजे, कुछ चुनाव अधिकारी शुजालपुर में राज महल होटल में ईवीएम / वीवीपीएटी के साथ ठहरे हुये है। यह भी आरोप लगाया गया था कि होटल एक राजनीतिक दल से संबंधित है और ईवीएम / वीवीपीएटी की सुरक्षा से समझौता किया गया। इसके अलावा यह भी आरोप लगाया गया था कि टीम के अधिकारी नशे में हैं।
समाचार प्राप्त होने के आधे घंटे के भीतर जिला निर्वाचन अधिकारी / कलेक्टर, शाजापुर ने तुरन्त कार्यवाही की तथा सहायक रिटर्निंग ऑफिसर और थाना प्रभारी तुरन्त रात में ही होटल पहुंचे। होटल पहुँचने पर यह पाया गया कि एक सेक्टर अधिकारी, एक मेडिकल स्टाफ, एक रिजर्व माइक्रो ऑब्जर्वर और एक सुरक्षा अधिकारी उसी समय होटल में आकर रूके थे। चुनाव आयोग के निर्देशों के विरूद्ध वे मशीनों को गलत तरीके से होटल ले गये थे। तुरन्त ही सेक्टर ऑफिसर और अन्य तीन अधिकारियों को रात्रि में ही बदल दिया गया। उसके बाद उन ईवीएम / वीवीपीएटी मशीनों की इंजीनियरों द्वारा रात्रि में ही जांच की गई और यह पाया गया कि मशीनों के साथ किसी प्रकार की छेड़छाड़ नहीं हुई है। और उनकी सील और टैग सही सलामत थे। इन रिजर्व मशीनों को मतदान दिवस पर उपयोग में भी नहीं लिया गया। कोई भी अधिकारी/कर्मचारी नशे में नहीं पाये गये। श्री सोहन लाल बजाज, सेक्टर ऑफिसर और श्री रईस मंसूरी, कंपाउंडर को 28 नवंबर, 2018 को ही निलंबित कर दिया गया। चुनाव आयोग ने पूर्व में ही सभी चारों अधिकारियों के विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई के आदेश दे दिये है, उक्त कार्यवाही तीन माह के अंदर पूर्ण किया जाना है।