इस
रबी सीजन में प्रदेश में अभी तक 41 दिन बिजली की माँग 13 हजार मेगावाट से
ऊपर दर्ज हुई। बिजली की अधिकतम माँग 5 जनवरी 2019 को 14 हजार 89 मेगावाट
दर्ज हुई, जिसकी सप्लाई सफलतापूर्वक की गई। इस रबी सीजन में अक्टूबर, नवंबर
और दिसंबर माह में पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में 281.26 करोड़
यूनिट ज्यादा बिजली की सप्लाई की गई। प्रदेश में पिछले वर्ष की तुलना में
बिजली की माँग में वृद्धिहोने का मुख्य कारण घरेलू उपभोक्ताओं को 24 घंटे
गुणवत्तापूर्ण बिजली और कृषि क्षेत्र में 10 घंटे गुणवत्तापूर्ण बिजली की
उपलब्धता सुनिश्चित करना है। दिसम्बर माह में 31 दिन अधिकतम बिजली की माँग
का स्तर 12 हजार मेगावाट से ऊपर और 25 दिन बिजली की अधिकतम माँग का स्तर 13
हजार मेगावाट से ऊपर रहा।
एम.पी. पावर मैनेजमेंट कंपनी के प्रबंध संचालक श्री संजय कुमार शुक्ल ने बताया कि पिछले
वर्ष की अधिकतम बिजली की माँग 28 दिसंबर 2017 को 12 हजार 240 मेगावाट दर्ज
हुई थी। इस वर्ष बिजली की अधिकतम माँग अभी तक 5 जनवरी 2019 को 14 हजार 89
मेगावाट दर्ज हुई है। पिछले वर्ष की अधिकतम माँग की तुलना में इस वर्ष
बिजली की 1,249 मेगावाट ज्यादा माँग रही।
अक्टूबर-2018 में 117.44 करोड़ यूनिट ज्यादा सप्लाई
श्री
शुक्ल ने बताया कि अक्टूबर-2018 में बिजली की कुल सप्लाई 748.82 करोड़
यूनिट की गई। वर्ष 2017 में इस माह में 631.36 करोड़ यूनिट बिजली की सप्लाई
की गई थी। नवंबर-2018 में बिजली की कुल सप्लाई 789.17 करोड़ यूनिट की गई,
जबकि वर्ष 2017 के इस माह में 707.38 करोड़ यूनिट बिजली की सप्लाई की गई
थी। दिसंबर-2018 में बिजली की कुल सप्लाई 790.89 करोड़ यूनिट की गई थी,
जबकि पिछले वर्ष 2017 की इस माह में 708.87 करोड़ यूनिट बिजली की सप्लाई की गई थी।