पटना
बिहार के नवादा जिले में नक्सलियों से हुई मुठभेड़ मामले की जांच के
दौरान नक्सली संगठनों के आंतकी कनेक्शन की आशंका से प्रशासन में हड़कंप मच
गया है। मुठभेड़ के बाद बरामद की गई गोलियों पर उर्दू में लिखे शब्द मिले
हैं। ऐसे में पुलिस ने नक्सली और आतंकी कनेक्शन
को लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने बताया कि गोलियों पर आमतौर
पर एक तरफ अंग्रेजी में शब्द लिखे होते हैं। यह निर्माता कंपनियों के
नामों को दर्शाते हैं लेकिन मुठभेड़ में बरामद गोलियों पर उर्दू शब्द लिखे
हैं।
देशी नहीं लग रहे थे कारतूसः पुलिस
नवादा के पुलिस अधीक्षक कुमार आलजक ने इस बाबत कहा है कि अभी कुछ भी
स्पष्ट तौर पर नहीं कहा जा सकता। गोलियों की बरामदगी के बाद प्रथम दृष्टि
में नक्सली संगठनों के तार आतंकियों से जुड़े होने की आशंका जताई जा रही
है। आलजक ने बताया कि अभी कुछ भी कहना मुश्किल है। बरामद किए गए खाली कारतूस देशी नहीं लग रहे हैं। इसमें उर्दू के शब्द लिखे हैं। उन्होंने कहा कि यह जांच का विषय है और इस मामले की जांच की जा रही है।
बीती 24 जनवरी को हुई थी मुठभेड़
बता दें कि बीती 24 जनवरी को नवादा जिले के रजौली गांव के रतनपुर जंगल
में पुलिस की नक्सलियों से मुठभेड़ हुई थी। इस घटना में एक नक्सली की मौत
हो गई थी। मृतक नक्सली की पहचान चंदन के रूप में हुई थी जो नालंदा का रहने
वाला था। घटनास्थल से पुलिस ने कई हथियार और गोलियां बरामद की थीं। मुठभेड़
के बाद बरामद की गई एके-47 के खाली कारतूसों पर उर्दू में लिखे शब्दों के
आधार पर नक्सलियों के आंतकी कनेक्शन की जांच की जा रही है। पुलिस को आशंका
है कि नक्सली हमलों में आतंकियों से मदद ली गई हो सकती है।
