Type Here to Get Search Results !

श्रीलंका के बाद अब मालदीव ने भी कहा- अनुच्छेद 370 खत्म करना भारत का आंतरिक मामला


माले। जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने के मामले में श्रीलंका के बाद अब मालदीव भी भारत के समर्थन में आया। मालदीव के विदेश मंत्री अब्दुल्ला शाहिद और पाक के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी के बीच शुक्रवार को फोन पर बात हुई। इस दौरान अब्दुल्ला ने स्पष्ट तौर पर कहा कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख को अलग-अलग केंद्र शासित प्रदेश बनाना भारत का आंतरिक मामला है।

शाहिद ने कुरैशी से यह भी कहा कि भारत और पाकिस्तान दोनों ही मालदीव के करीबी दोस्त और द्विपक्षीय साझेदार हैं। पड़ोसी देशों के आपस में जितने भी विवाद हैं, उनको शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाना चाहिए।

सार्क देश नेपाल, भूटान, बांग्लादेश और श्रीलंका भी इस मुद्दे पर पाक के साथ नहीं है। सार्क देशों ने भी माना है कि अनुच्छेद 370 खत्म करना भारत का आंतरिक मामला है। पाक और चीन के कहने पर 16 अगस्त को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) की आपात बैठक बुलाई गई थी। यूएन में भारत के प्रतिनिधि सैयद अकबरुद्दीन ने कहा था कि अनुच्छेद 370 के मामले में भारत की जो स्थिति पहले थी, वही बरकरार है। यह पूरी तरह भारत का आंतरिक मसला है और इसका कोई बाहरी संबंध नहीं है। अगर पाक को बातचीत करनी हो तो पहले आतंकवाद रोके।

श्रीलंका ने कहा- कश्मीर मुद्दे पर कोई टिप्पणी ही नहीं
पाकिस्तान के उच्चायुक्त मेजर जनरल शाहिद अहमद हशमत ने बुधवार को दावा किया था कि श्रीलंकाई राष्ट्रपति ने कश्मीर मुद्दे पर मध्यस्थता की पेशकश की है। इसके बाद श्रीलंकाई राष्ट्रपति भवन की ओर से जारी बयान में इसका खंडन कर दिया गया। सिरिसेना की तरफ से स्पष्ट किया गया कि कश्मीर मुद्दे पर कोई टिप्पणी ही नहीं की जाएगी। 

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ
* Please Don't Spam Here. All the Comments are Reviewed by Admin.