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महात्मा गाँधी प्रकृति संतुलन के साथ विकास की सोच रखते थे


  • एप्को में पर्यावरणविद् डॉ. अशोक खोसला का व्याख्यान


भोपाल। प्रख्यात पर्यावरणविद् डॉ. अशोक खोसला ने आज भोपाल के पर्यावरण नियोजन एवं समन्वय संगठन (एप्को) में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 150वीं जयंती पर 'महात्मा गांधी - सहज प्रकृति प्रेमी' विषय पर व्याख्यान देते हुए कहा कि महात्मा गांधी प्रकृति के संतुलन के साथ विकास की सोच रखते थे। इसलिए उन्होंने ग्राम स्वराज की सोच के साथ गाँव के समग्र विकास पर जोर दिया था। डॉ. खोसला ने कहा कि महात्मा गांधी की सोच थी कि विकास के अवसर समाज के सभी वर्गों को समान रूप से मिले।

डॉ. खोसला ने कहा कि स्वदेशी आंदोलन से भारतीय अर्थ-व्यवस्था को मजबूती दी जा सकती है। पर्यावरणविद् डॉ. खोसला ने 1960 के दशक से लेकर अब तक विकास की असमानता और उसके प्रभाव से अवगत कराया।

पूर्व मुख्य सचिव श्री शरदचंद बैहार ने भी विचार व्यक्त किये। एप्को के कार्यपालन संचालक श्री ‍जितेन्द्र सिहं राजे ने व्याख्यान माला में अब तक हुए कार्यक्रमों की जानकारी दी। इस मौके पर प्रदेश में हरित कोर के विद्यार्थियों के बीच पर्यावरण विषय पर हुई चित्रकला प्रतियोगिता के विजेताओं को पुरस्कार वितरित किये गये।


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