नई दिल्ली। तीस हजारी कोर्ट परिसर में शनिवार शाम वकीलों और दिल्ली पुलिस के बीच हिंसक झड़प हुई। इस दौरान एक वकील को सीने में गोली लगी। अस्पताल में उसकी हालत स्थिर बनी हुई है। घटना से गुस्साए वकीलों ने जमकर हंगामा किया, पुलिस कंट्रोल रूम की जिप्सी और एक जेल वाहन को आग के हवाले कर दिया। घटना में एडिशनल डीसीपी (नॉर्थ), दो एसएचओ समेत 10 पुलिसकर्मियों को चोट आई। पुलिस का कहना है कि वकील हवालात में मौजूद कुछ कैदियों और पुलिसकर्मियों पर हमला करना चाहते थे। इसबीच, वकीलों ने 4 नवंबर को राजधानी की सभी जिला अदालतों में हड़ताल का ऐलान किया है।
बार एसोसिएशन के सदस्य जय बिस्वाल ने न्यूज एजेंसी को बताया कि पार्किंग एरिया पुलिस बैन ने एक वकील की गाड़ी को टक्कर मार दी। विरोध करने पर पुलिसकर्मियों उसे हवालात में रखा और मारपीट की। पुलिस ने वकील को करीब आधा घंटे के बाद छोड़ा। घटना के वक्त लोगों ने पुलिस को कॉल किया। इसके बाद एसएचओ और स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन उन्हें अंदर नहीं जाने दिया गया। इसके बाद 6 जजों की टीम जांच करने पहुंची तो उन्हें भी अंदर नहीं जाने दिया गया।
झड़प में 4 वकील जख्मी हुए, कोर्ट की सुरक्षा बढ़ी
- बताया जा रहा है कि जब जज लौटने लगे तो पुलिसकर्मियों ने फायरिंग कर दी। इससे गुस्साए वकीलों ने पुलिस की दो गाड़ियों में आग लगा दी और करीब 17 अन्य वाहनों में तोड़फोड़ की। मौके पर फायर ब्रिगेड की 10 गाड़ियां भेजी गईं। इलाके में भारी संख्या में पुलिसबल तैनात किया गया।
- चश्मदीदों ने न्यूज एजेंसी को बताया कि झड़प में करीब 10 पुलिसकर्मी और 4 वकील जख्मी हुए हैं। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, जख्मी पुलिसकर्मियों में एडिशनल डीसीपी (नॉर्थ) हरेंद्र कुमार, कोलवाली और सिविल लाइंस के एसएचओ और डीपीसी (नॉर्थ) का ऑपरेटर शामिल है।
- एडिशनल डीसीपी हरेंद्र सिंह ने कहा, ''सिर्फ पार्किंग को लेकर विवाद था। वकील हवालात में घुसकर बदला लेना चाहते थे। जिसमें कुछ कैदी और पुलिसकर्मी मौजूद थे। जब वकीलों को रोका गया तो उन्होंने तोड़फोड़ शुरू कर दी। इसके बाद पुलिस ने मानव श्रृंखला बनाकर कैदियों को दूसरे हवालात में शिफ्ट किया और उन्हें बचाया। अगर किसी को गोली लगी है तो यह मेडिकल रिपोर्ट में सामने आ जाएगा। लोगों को बचाते हुए मुझे भी चोट आई है।''