वुहान/न्यूयॉर्क/लंदन। दुनियाभर में कहर बरपा रहे कोरोनावायरस को लेकर बड़ी खबर है। बीमारी से पहले संक्रमित का पता चल गया है। यह 57 साल की एक महिला है, जो चीन के वुहान में झींगा बेचती थी। वेई गुझियान को पेशेंट जीरो बताया जा रहा है। पेशेंट जीरो वह मरीज होता है, जिसमें सबसे पहले किसी बीमारी के लक्षण देखे जाते हैं। खास बात यह है कि करीब एक महीने चले इलाज के बाद यह महिला पूरी तरह से ठीक हो चुकी है।
द वॉल स्ट्रीट जर्नल ने बताया कि यह महिला उस समय संक्रमित हुई, जब वह वुहान के हुआनैन सी-फूड मार्केट में 10 दिसंबर को झींगे बेच रही थीं। इसी दौरान उसने एक सार्वजनिक शौचालय का इस्तेमाल किया और इसके बाद उसे सर्दी-जुकाम ने जकड़ लिया।
31 दिसंबर को वुहान म्यूनिसिपल हेल्थ कमीशन ने सबसे पहले इस महिला का नाम जाहिर किया था। वेई उन 27 मरीजों में शामिल थीं, जिन्हें सबसे पहले कोरोनावायरस से संक्रमित पाया गया। इन 27 मरीजों में से 24 सीधे तौर पर उसी सीफूड मार्केट से संक्रमित हुए थे, जहां पर यह महिला झींगे बेचती थी। हालांकि, बाद में इस बारे में कई विरोधाभासी रिपोर्ट्स भी आईं, जिनमें चीन सरकार ने इस बात को खारिज किया था कि पेशेंट जीरो मिल चुका है।
सबसे पहला मामला इसलिए पेशेंट जीरो
सबसे पहले रिपोर्ट होने वाले मामले के तौर पर वेई को पेशेंट जीरो माना जा रहा है, लेकिन चीन सरकार की ओर से अभी तक इस पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। उल्टा, चीनी अखबार 'ग्लोबल मीडिया' ने दावा किया था कि इस वायरस को अमेरिकी सैन्य प्रयोगशाला में विकसित गया है और अक्टूबर में वुहान में हुए वर्ल्ड मिलिट्री गेम्स के दौरान साइक्लिस्ट मजाट्जे बेनासी कोरोनवायरस का सोर्स था। इसके बाद चीन और अमेरिका में जुबानी जंग छिड़ गई थी और दोनों देशों ने एक-दूसरे पर आरोप लगाए थे।
ऐसे सामने आया नाम
चीन की न्यूज वेबसाइट ‘द पेपर’ की रिपोर्ट के हवाले से इस महिला के पेशेंट जीरो होने की खबर दुनियाभर के मीडिया की सुर्खियां बन चुकी है। ब्रिटेन के द मिरर, सिडनी के न्यूज डॉट ऑस्ट्रेलिया के अलावा भारत में पीटीआई और आईएएनएस ने भी इस महिला के पेशेंट जीरो होने की रिपोर्ट दी है।