कोरोना वायरस का प्रकोप और उसके बाद के लॉकडाउन ने लोगों के जीवन को हर तरह से प्रभावित किया है, लेकिन सबसे ज्यादा असर लोगों के दिलो-दिमाग पर पड़ा है। घर पर पूरे समय रहना आसान नहीं है और ऐसे में मानसिक स्वास्थ्य पर बुरा असर भी पड़ता है। सोशल डिस्टेंसिंग और घर पर ही रहने का यह अभ्यास हमेशा का नहीं है तो अब इसे करने में कइयों को बड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। www.myupchar.com से जुड़े एम्स के डॉ उमर अफरोज का कहना है कि लॉकडाउन के दौरान सबसे पहला काम होना चाहिए कि इसे स्वीकार करें, लड़ें नहीं। पहले लोगों की समस्या थी कि काम और घर में संतुलन नहीं बना पा रहे थे। परिवार के लिए समय नहीं निकाल पा रहे थे और अब अचानक उनके पास समय है, लेकिन वे नहीं जानते इसके साथ क्या करना है। ऐसे समय में मानसिक स्वास्थ्य तब तक ठीक नहीं होगा जब तक सकारात्मक नहीं रहेंगे, परिवार से जुडेंगे नहीं और सोशल मीडिया से अन्य लोगों से संपर्क में नहीं रहेंगे।
डिजिटल डिटॉक्सलॉकडाउन की वजह से लोग पूरे दिन घर पर रहते हैं और यहां तक कि घर से भी काम करते हैं। ऐसे में गैजेट्स पर चिपके रहना और टेक्नोलॉजी पर निर्भर रहना ही होता है। हालांकि, यह सुनिश्चित करना चाहिए कि अपने टीवी, फोन और लैपटॉप से खुद को कुछ समय के लिए दूर रख दें। अपने दिन में एक घंटे के डिजिटल डिटॉक्स को शामिल करें ताकि अपने आसपास की जानकारी के अतिप्रवाह से निपटने में मदद कर सकें।
टू-डू लिस्ट बनाएंरूटीन यह सुनिश्चित करने के लिए बहुत महत्वपूर्ण है कि सोना और उठना, सही समय पर खाने और काम करना शुरू करने का नियमित चक्र हो। टू-डू लिस्ट बनाने से खुद को मानसिक रूप से व्यवस्थित रखने में मदद मिल सकती है और अपने कार्यों को पूरा करने की संतुष्टि भी मिलेगी। खासकर जब ऐसा लगता है कि घर बैठे कुछ नहीं कर रहे हैं।
दिमाग को व्यस्त रखेंजरूरी नहीं कि ऑफिस का घर बैठे काम हो। इसके अलावा भी अपना दिमाग व्यस्त रखने की कोशिश करें। बालकनी में गार्डनिंग करें, पेंटिंग बनाएं या जो भी अच्छा लगे। जब दिमाग व्यस्त रहता है, तो तनाव महसूस करने या लक्षणों के बिगड़ने की आशंका कम होती है।
व्यायाम करें, लेकिन इसका तनाव न लेंव्यायाम मानसिक रूप से स्वस्थ रखने में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। हालांकि, यदि हाई इंटेन्सिटी वर्कआउट के लिए अभ्यस्त नहीं हैं और होम वर्कआउट वीडियो बहुत अधिक सर्च करते हैं, तो आसान व्यायाम करने का प्रयास करें। बस अपने शरीर को थोड़ा हिलाने की कोशिश करें, थोड़ा स्ट्रेच करें और बेहतर महसूस होगा।
ग्राउंडिंग प्रैक्टिसघबराहट या चिंता से निपटने के सबसे प्रभावी तरीकों में से एक ग्राउंडिंग प्रैक्टिसेस को लागू करना है। अपने आसपास की 5 चीजों को पहचानने की कोशिश करें, जिन्हें छू सकते हैं, 5 जिन्हें महसूस कर सकते हैं, 5 वे जिन्हें सुन सकते हैं। यह ग्राउंडिंग की कई तकनीकें इंटरनेट पर भी उपलब्ध हैं।
