भोपाल। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि सभी प्रवासी मजदूरों का पंजीयन किया जाए जिससे उनके जॉब कार्ड बनवाए जाकर उन्हें मनरेगा के अंतर्गत कार्य दिया जा सके। पंजीयन में इस बात का स्पष्ट उल्लेख किया जाए कि मजदूर कुशल है, अकुशल है, अथवा अर्द्धकुशल है। उनकी कुशलता के आधार पर उनको विभिन्न उद्योगों एवं अन्य कार्यों में नियोजित किया जाएगा। हर मजदूर को उसकी योग्यता के अनुरूप कार्य दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री चौहान आज मंत्रालय में वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश में कोरोना की स्थिति एवं व्यवस्थाओं की समीक्षा कर रहे थे। इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा, मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैंस, डीजीपी विवेक जौहरी, एसीएस हैल्थ मोहम्मद सुलेमान आदि उपस्थित थे।
संक्रमित क्षेत्रों की संख्या में आयी कमी
अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य सुलेमान ने बताया कि प्रदेश में कोरोना संक्रमित क्षेत्रों की संख्या में कमी आयी है। अब ये क्षेत्र 701 हो गए हैं। प्रदेश के कुल 10 जिले संक्रमण मुक्त हैं, जिसमें कटनी, नरसिंहपुर तथा बालाघाट में कोरोना का अभी तक कोई भी प्रकरण नहीं आया है। वहीं सात जिले आगर-मालवा, अलीराजपुर, अनूपपुर, छिंदवाड़ा, हरदा, शहडोल तथा शाजापुर हैं जहाँ कोरोना प्रकरण थे परंतु अब वे संक्रमण मुक्त हो गए हैं।
पहले रैड था अब ग्रीन हुआ
खरगौन जिले की समीक्षा के दौरान बताया गया कि पहले खरगौन जिला रेड जोन में था, अब ग्रीन जोन में आ गया है। जिले में कोरोना के 114 मरीज थे, जिनमें से 87 डिस्चार्ज होकर घर जा चुके हैं। मुख्यमंत्री चौहान ने निर्देश दिए कि आगे भी पूरी सावधानी रखी जाए, जिससे संक्रमण फैले नहीं।