भोपाल। मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि मध्यप्रदेश में अपराधियों पर अंकुश लगाने का कार्य पूरी ताकत से किया जाएगा। आम लोगों को कानून के राज का एहसास करवाया जाएगा। गत 08 माह में अपराधियों के विरूद्ध की जा रही सख्त कार्यवाही का परिणाम है कि विभिन्न तरह के अपराधों में 15 से लेकर 50 प्रतिशत तक की कमी आयी है। बालिकाओं और महिलाओं से जुड़े अपराधों में लिप्त लोग नरपिशाच हैं। उन्हें किसी भी स्थिति में न छोड़ा जाए। बलात्कारियों को तो फाँसी ही मिलना चाहिए। प्रदेश में गुम बालिकाओं के संबंध में विस्तार से समीक्षा की गई है। अपहृत बच्चे की बरामदगी के लिए चैकलिस्ट के अनुसार कार्यवाही होगी। परिजनों को एक रिकार्ड पत्र दिया जाएगा जिसमें पुलिस द्वारा की जा रही विवेचना का विस्तृत विवरण होगा। अधिकार पत्र में जानकारी रहेगी कि कितने दिनों में क्या-क्या कार्यवाही की गई है। इस व्यवस्था में अब अपहृत होने वाले बच्चे के परिजन के साथ प्रत्येक 15 दिन में थाना प्रभारी और प्रत्येक 30 दिन में एसडीओपी केस डायरी के साथ बैठेंगे। इसमें यह सुनिश्चित किया जाएगा कि अधिकार पत्र के अनुसार कार्यवाही हुई है अथवा नहीं।
मुख्यमंत्री श्री चौहान आज मिंटो हॉल में प्रदेश-स्तरीय 'सम्मान' अभियान का शुभारंभ कर रहे थे। इस अभियान का उद्देश्य महिला अपराध के उन्मूलन में समाज की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना, महिलाओं और बालिकाओं के लिए सम्मानजनक एवं अनुकूल वातावरण तैयार करना और आम लोगों को कानूनी प्रावधानों के प्रति इस तरह जागरूक करना है कि वे महिला सुरक्षा के प्रति अपनी जिम्मेदारी को निभा सकें। कार्यक्रम में गृह विभाग के साथ ही अभियान में सहयोगी महिला एवं बाल विकास और जनसंपर्क विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने प्रदेश के 6 साहसी नागरिकों को उनके जिलों के कलेक्टर, एस.पी. के माध्यम से प्रशंसा पत्र भी प्रदान किए। इन नागरिकों द्वारा विभिन्न अपराधियों को पकड़वाने में भूमिका निभाई गई।
