भोपाल ! को प्रदेश सहित पूरे देश में 'राष्ट्रीय हिंदी दिवस' मनाया जाता है एवं हिंदी भाषा के उत्थान एवं विकास के लिए बड़ी-बड़ी योजनाएं लागू की जाती हैं शासन-प्रशासन द्वारा हिंदी भाषा के महत्व को अत्यधिक प्रचारित भी किया जाता है वहीं दूसरी ओर मध्य प्रदेश की माध्यमिक शिक्षक भर्ती में राष्ट्रभाषा हिंदी को छठवां स्थान देकर उसका अपमान किया जा रहा है जबकि हिंदी भाषा पूरे विश्व में तीसरा स्थान रखती है ! शिक्षक पात्रता संघ के प्रदेश संयोजक रंजीत गौर के अनुसार प्रदेश में शिक्षकों की भर्ती लगभग 10 वर्षों के पश्चात हो रही है जिसमें भी कई विसंगतियां देखने को मिल रही हैं जैसे स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा माध्यमिक शिक्षक भर्ती में मातृभाषा हिंदी के कुल 100 पद दर्शाए गए हैं !
इसी प्रकार से विज्ञान के 50, सामाजिक विज्ञान के 60,संस्कृत के 772, गणित के 1,312 एवं उर्दू के मात्र 18 पद रिक्त दर्शाए गए हैं जबकि अंग्रेजी भाषा के 3,358 पदों पर भर्ती की जा रही है जिससे भारतीय विषय एवं भाषाओं की अवहेलना हो रही है जबकि प्रत्येक विषय के हजारों पद रिक्त हैं जिन पर वर्तमान समय में अतिथि शिक्षकों से कार्य कराया जा रहा है! उच्च माध्यमिक शिक्षक भर्ती में भी हिंदी,उर्दू,समाजशास्त्र,भूगोल एवं कृषि के पद कम मात्रा में दर्शाए गए हैं ! पद वृद्धि के साथ समस्त रिक्त पदों पर स्थाई भर्ती की मांग पात्र अभ्यर्थी लगातार कई वर्षो से कर रहे हैं ! समय पर मांगे पूरी ना होने पर पात्र अभ्यर्थियों द्वारा निकट भविष्य में उग्र आंदोलन भी किया जा सकता है ! राष्ट्रीय शिक्षा नीति भी मातृभाषा पर जोर देती है परंतु शिक्षक भर्ती मे मातृभाषा हिंदी की अवहेलना की जा रही है
