भोपाल। राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल और मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने पातालपानी में क्रांतिसूर्य जननायक टंट्या मामा के बलिदान दिवस पर अष्टधातु से निर्मित जननायक टंट्या मामा की भव्य प्रतिमा का अनावरण किया। राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने यहाँ महाकाली मंदिर में पूजा-अर्चना कर पौध-रोपण भी किया। कार्यक्रम में जननायक टंट्या मामा के वंशजों का स्वागत एवं अभिनंदन भी किया गया।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि हमारे जननायक टंट्या मामा ने शोषण और अन्याय के खिलाफ अंग्रेजों से लड़ाई लड़ी और भारत माता को गुलामी की जंजीरों से मुक्त कराने में महती भूमिका निभाते हुए निर्णायक लड़ाइयाँ लड़ी। अंग्रेजों ने टंट्या मामा को पकड़ने के लिए अलग से टंट्या पुलिस भी बनाई। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि ऐसे वीर बलिदानी महापुरुष की कर्म-स्थली पातालपानी को नवतीर्थ के रूप में विकसित किया जाएगा। यहाँ आराधना और ध्यान केंद्र बनाया जाएगा, जिससे आने वाली पीढ़ियाँ उनकी वीरता की उपासना कर सके। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि अब प्रदेश में गरीबों और जनजातीय वर्ग की जिंदगी बदलने का अभियान केंद्र और राज्य सरकार मिलकर चलाएगी।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की मंशानुरूप शहीदों के स्मारक बनाए जाएँगे। प्रदेश में शहीद किसी भी समाज का क्यों न हो, उनके स्मारक बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी। पातालपानी में 4 करोड़ 55 लाख रुपये की लागत से नवतीर्थ स्थल बनाया जाएगा। यहाँ ध्यान केंद्र स्थापित किया जाएगा, जहाँ वीरता की उपासना की जाएगी, जो आने वाली पीढ़ियों को देश-भक्ति की प्रेरणा देगा। नवतीर्थ स्थल में लायब्रेरी, व्यू पॉइंट, पाथ-वे के साथ जनजातीय म्यूजियम और जननायक टंट्या मामा वाटिका भी बनेगी। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि अब पातालपानी में हर वर्ष 4 दिसम्बर को जननायक टंट्या मामा के बलिदान दिवस पर मेला आयोजित होगा।