भोपाल। मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना में दी जाने वाली राशि को 51 हजार से बढ़ाकर 55 हजार रूपए किया जाएगा। योजना में बेटियों को गृहस्थी का सामान भेंट स्वरूप प्रदान करेंगे। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि लाड़ली लक्ष्मी योजना–2 के प्रारूप को अंतिम रूप देने के लिए मंत्री सुश्री ऊषा ठाकुर, सुश्री मीना सिंह तथा श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया को दायित्व सौंपा गया है। यह योजना 02 मई को आरंभ की जाएगी। मुख्यमंत्री श्री चौहान पचमढ़ी में दूसरे दिन आंरभ हुई चिंतन बैठक को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री श्री चौहान द्वारा विभिन्न विभागों की 03 से 11 जनवरी में आयोजित समीक्षा बैठकों में दिए गए निर्देशों के क्रियान्वयन के संबंध में जानकारी प्रस्तुत की गई।
लोक निर्माण मंत्री श्री गोपाल भार्गव, जल संसाधन मंत्री श्री तुलसी सिलावट, सामान्य प्रशासन राज्य मंत्री श्री इंदर सिंह परमार, वित्त मंत्री श्री जगदीश देवड़ा, राजस्व तथा परिवहन मंत्री श्री गोविन्द सिंह राजपूत, वन मंत्री कुंवर विजय शाह, उद्योग मंत्री श्री राजवर्धन सिंह दत्तीगांव, खनिज साधन मंत्री श्री बृजेन्द्र प्रताप सिंह, ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर, कृषि मंत्री श्री कमल पटेल ने अपने विभागों से संबंधित गतिविधियों की जानकारी प्रस्तुत की।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि विभाग, बजट व्यय का समयबद्ध कार्यक्रम निर्धारित कर निश्चित समयावधि में योजनाओं का क्रियान्वयन और उसकी समीक्षा करने की व्यवस्था सुनिश्चित करें। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि प्रदेश में 48 हजार करोड़ की लागत के निर्माण कार्य होना है। निर्माण कार्य के लिए पीआईयू सहित प्रतिष्ठित तथा अच्छी साख वाली संस्थाओं को सूचीबद्ध किया जाए। इनमें भारत सरकार की संस्थाओं को भी सम्मिलित किया जाए। प्रदेश में आगामी समय में होने वाले निर्माण कार्यों को समय-सीमा में पूर्ण करने के लिए इन एजेंसियों को भी दायित्व सौंपने पर विचार किया जा सकता है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि निर्माण कार्यों को पेटी कॉन्ट्रेक्टर को देने की प्रक्रिया का नियमन और नियंत्रण आवश्यक है। समस्त निर्माण विभागों को इस पर चिंतन-मनन कर अन्य राज्यों में चल रही व्यवस्था का आंकलन कर एक सप्ताह में रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने लोक निर्माण विभाग द्वारा संचालित सर्किट हाऊस तथा विश्राम गृहों के रख-रखाव और संचालन के लिए भी कार्य-योजना प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
बैठक में जानकारी दी गई कि सामान्य प्रशासन विभाग के अंतर्गत कार्यालयों के डिजिटिलाइजेशन की प्रक्रिया जारी है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि विभागीय जाँच, पेंशन प्रकरण आदि का समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित किया जाए।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के सपने के अनुरूप देश को पाँच ट्रिलियन डॉलर की अर्थ-व्यवस्था बनाने में मध्यप्रदेश के योगदान का स्पष्ट रोडमेप बनाकर उसे समय-सीमा में क्रियान्वित किया जाए। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने भामाशाह योजना पुन: आरंभ करने के निर्देश दिए। बैठक में कम राजस्व प्राप्त करने वाले विभागों को राजस्व प्राप्ति में वृद्धि के प्रयास करने के निर्देश भी दिए गए।
