भोपाल। मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि प्रदेशवासी के लिए उत्तम सुख, निरोगी काया के संदेश को चरितार्थ करने के साथ राज्य सरकार मन की शांति, बुद्धि के विकास और आत्मिक आनंद के लिए भी कार्य कर रही है। तीर्थ-दर्शन योजना आत्मा के आनंद के लिए पुन: शुरू की गई है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि आत्मा के आनंद के साथ, जीवन को सुखमय बनाने के लिए पौध-रोपण, नशा मुक्ति, बेटियों का सम्मान और पानी बचाना जरूरी है। मुख्यमंत्री श्री चौहान रानी कमलापति स्टेशन से मुख्यमंत्री तीर्थ-दर्शन योजना का शुभारंभ कर तीर्थ-यात्रियों को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने शंख और महिला सशक्तिकरण पर केंद्रित गीत की ध्वनि के बीच, कन्या-पूजन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
"मुख्यमंत्री तीर्थ-दर्शन" योजना के शुभारंभ कार्यक्रम की अध्यक्षता पर्यटन, संस्कृति, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व मंत्री सुश्री उषा ठाकुर ने की। नगरीय विकास एवं आवास मंत्री तथा भोपाल जिले के प्रभारी श्री भूपेंद्र सिंह विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित थे। खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री श्री बिसाहूलाल सिंह, जल संसाधन मंत्री श्री तुलसी सिलावट, वित्त मंत्री श्री जगदीश देवड़ा, वन मंत्री श्री विजय शाह, पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री महेंद्र सिंह सिसोदिया, लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. प्रभुराम चौधरी, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री राम खेलावन पटेल, पूर्व मंत्री श्री रामपाल सिंह, पूर्व प्रोटेम स्पीकर श्री रामेश्वर शर्मा, खजुराहो सांसद श्री विष्णु दत्त शर्मा, संगठन महामंत्री श्री हितानंद शर्मा और विधायक श्री यशपाल सिसोदिया भी कार्यक्रम में उपस्थित थे। प्रदेश पुनः प्रारंभ हुई मुख्यमंत्री तीर्थ-दर्शन योजना की पहली तीर्थ यात्रा वाराणसी के लिए रवाना की गई। यह ट्रेन रानी कमलापति स्टेशन से आरंभ होकर भोपाल और सागर होते हुए वाराणसी पहुँचेगी।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि यात्रा में वरिष्ठ जन की सेवा के लिए राज्य सरकार द्वारा पर्याप्त व्यवस्था की गई है। उन्हें किसी भी प्रकार का कष्ट नहीं होने दिया जाएगा। वर्ष 2012 में राज्य सरकार ने तीर्थ-यात्रा कराने के बारे में निर्णय लिया था। यह वरिष्ठ जन की भावना और उनकी मांग का सम्मान था।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि संस्कृति मंत्री सुश्री उषा ठाकुर भी तीर्थ-यात्रियों के साथ वाराणसी जा रही हैं। यात्रा में वरिष्ठ जन के भोजन, विश्राम और सम्मान के साथ दर्शन की व्यवस्था की गई है। पति-पत्नी साथ तीर्थ-यात्रा पर जा सकें, यह व्यवस्था भी योजना में है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि अब आरंभ हुई तीर्थ-दर्शन योजना रूकेगी नहीं। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि तीर्थ-दर्शन जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा है। अब तीर्थ के लिए एक के बाद एक यात्राओं का क्रम जारी रहेगा।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि “पहला सुख निरोगी काया” माना गया है। इसके लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने नि:शुल्क टीकाकरण की व्यवस्था की है। साथ ही गरीबों को आवास भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं। जिन लोगों ने अवैध तरीके से जमीनों पर कब्जा किया है, उनसे भूमि मुक्त करा कर, गरीबों को बाँटी जा रही है। चिकित्सा सुविधा तथा आवास की व्यवस्था कर, उत्तम सुख निरोगी काया के भाव को मूर्त रूप दिया जा रहा है।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि जीवन में मन की प्रसन्नता आवश्यक है। इसके लिए आनंद उत्सव आयोजित किए जा रहे हैं। बुद्धि के विकास के लिए स्कूल शिक्षा के साथ उच्च शिक्षा की बेहतर व्यवस्था की जा रही है। इन सबके साथ ही आत्मा का सुख सर्वाधिक महत्वपूर्ण है। आत्मा दूसरों का भला करने से प्रसन्न रहती है। आत्मा का सुख भगवान के दर्शन से भी प्राप्त होता है। वरिष्ठ जन को यह सुख देने के लिए ही तीर्थ-दर्शन योजना पुनः आरंभ की गई है। तीर्थ-यात्रा में भजन मंडली की व्यवस्था की गई है। यात्रा को आनंद से पूर्ण करें, भक्ति भाव से दर्शन करें। तीर्थ-यात्रा से आने के बाद परिचितों को यह संदेश अवश्य दें कि धरती बचाने के लिए पौधा-रोपण जरूरी है। सभी लोग पौधा अवश्य लगाएँ।
