बेगमगंज। जिला कांग्रेस कमेटी के तत्वधान में आज कांग्रेसियों द्वारा नया बस स्टैंड पर विभिन्न मांगों को लेकर धरना प्रदर्शन के बाद जुलूस की शक्ल में पहुंचकर ज्ञापन सौंपा वहीं बिजली घर का घेराव करते हुए कार्यालय में पुलिस से भारी मशक्कत के बाद ताला डाल दिया और जमकर नारेबाजी की।
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| कांग्रेस ने धरना प्रदर्शन के साथ एवं एसडीएम को ज्ञापन सौपा गया। |
आमसभा के दौरान जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष देवेंद्र पटेल, मप्र कांग्रेस कमेटी के पूर्व महामंत्री राजेंद्र सिंह तोमर, ब्लॉक कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष संदीप विश्वकर्मा, अख्तर लाला, प्यारे आकाश , सौरभ शर्मा , प्रकाश पटेल , डॉ. रवि शर्मा आशीष खडेत , अफजल बेग , ,बैजनाथ यादव एडवोकेट ,संदीप यादव , विजय पहलवान इत्यादि ने संबोधित करते हुए भाजपा की केंद्र एवं प्रदेश सरकार पर बढ़ते हुए दलित एवं आदिवासी महिलाओं पर अत्याचारों बढ़ती हुई महंगाई भ्रष्टाचार कानून व्यवस्था चौपाट होने एवं अघोषित विद्युत कटौती किए जाने और खेती किसानी की लागत बढ़ने से किसानों पर आर्थिक बोझ डालने सहित अन्य मुद्दों को लेकर आरोप लगाते हुए जनता से आह्वान किया कि प्रदेश से भाजपा सरकार की विदाई तय है इसलिए सभी एकजुट होकर इनकी स्थाई बिदाई कर दे।
इसके बाद सैकड़ों कांग्रेसी नारेबाजी करते हुए रैली के रूप में तहसील कार्यालय पहुंचे । जहां पर एसडीएम अभिषेक चौरसिया को महामहिम राज्यपाल के नाम 7 सूत्री मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा ।
जिसमें किसानों के लिए खाद बीज की किल्लत होने का मुद्दा उठाते हुए पर्याप्त खाद एवं बीज उपलब्ध कराने की मांग के साथ नगर में 24 घंटे की जा रही अघोषित कटौती को लेकर विरोध प्रकट किया गया और विद्युत कटौती रोकने के साथ बढ़े हुए बिलों को भी कम किए जाने की मांग रखी । वही सुल्तानगंज- बेगमगंज एवं बेगमगंज से महुआखेड़ा मार्ग की दुर्दशा होने के कारण शीघ्र मार्ग निर्माण कराए जाने एवं भ्रष्टाचार के कारण नागरिकों के काम नहीं होने और शासकीय योजनाओं का लाभ नहीं मिलने के साथ युवा बेरोजगारों के काम नहीं होने तथा महिलाओं विशेषतौर पर दलित , आदिवासी महिलाओं पर अत्याचार रोकने में प्रदेश सरकार के नाकाम होने और उन्हें सुरक्षा मुहैया कराने , डूब प्रभावित किसानों को समय पर मुआवजा नहीं दिए जाने से उत्पन्न गम्भीर स्थिति से उबरने के लिए तत्काल मुआवजा राशि देने के साथ कुछ गांव में किसानों को गांव में पानी भर जाने के कारण उनकी जमीन डूबने एवं गांव खाली करने की मुनादी व आवागमन के रास्ते जोकि डूब में होकर पूरी तरह से बंद हो गए हैं, ऐसे क्षेत्र के किसानों को मुआवजा राशि दिए जाने के अतिरिक्त अन्य क्षेत्र में बसावट करने और प्रदेश सरकार के फ्री शिक्षा के नारे के बाद भी प्राइवेट स्कूलों की लूट रोकने में असहाय होकर अब तो शासकीय स्कूलों में भी शाला विकास के नाम पर भारी-भरकम राशि वसूले जाने का विरोध करते हुए उसे तत्काल निरस्त किए जाने संबंधी मांगों को प्रमुखता से रखा गया है ।
कांग्रेस , युवा कांग्रेस , एनएसयूआई , सेवादल , महिला कांग्रेस के सैकड़ों कार्यकर्ताओं द्वारा महामहिम राज्यपाल से हस्तक्षेप किए जाने की मांग की गई है । वह ज्ञापन देकर वापस आते समय कांग्रेसी बिजलीघर परिसर में पहुंचे और घेराव करते हुए जमकर हंगामा किया पुलिस के हस्तक्षेप के बावजूद कांग्रेसियों ने बिजली कंपनी के कार्यालय में ताला डाल दिया और बिजली अव्यवस्था को लेकर जमकर खरी-खोटी सुनाई।

