अपराधी मणिपुर तथा मध्यप्रदेश सरकारों को बर्खास्त करो- रघु ठाकुर
लोसपा का मध्य प्रदेश एवं मणिपुर की घटनाओं को लेकर जंतर मंतर पर धरना, धरने में आम आदमी पार्टी एवं एसडीपीआई के कई पदाधिकारी व कार्यकर्ता हुए सम्मिलित।
नई दिल्ली। लोकतांत्रिक समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय संरक्षक श्री रघु ठाकुर के नेतृत्व व निर्देशन में दिल्ली के जंतर मंतर पर मध्य प्रदेश तथा मणिपुर में कानून व्यवस्था समाप्त होने की स्थिति में वहां की सरकारों को भंग कर राष्ट्रपति शासन लागू करने हेतु एक दिवसीय धरना दिया गया।
धरना स्थल पर बोलते हुए लोकतांत्रिक समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय संरक्षक श्री रघु ठाकुर जी ने कहा कि-" मध्य प्रदेश तथा मणिपुर में कानून व्यवस्था समाप्त हो चुकी है। मध्य प्रदेश पहले ही जातीय भेदभाव से ग्रस्त रहा है। परंतु, अब तो स्थितियां बदतर हो चुकी हैं। सीधी में भाजपा नेता जो अपने आप को विधायक प्रतिनिधि बताते हैं ने एक गरीब आदिवासी के ऊपर जिस बेशर्मी से पेशाब की, उसे सारे देश ने सोशल मीडिया पर देखा। इस सीधी-काण्ड के तुरंत बाद शिवपुरी-कांड हो गया। जहां पर बरखाडी गांव में मनोज जाटव और संतोष केवट नाम के युवकों के चेहरे पर कालिख पोत कर जुलूस निकाला गया तथा उनको मल खिलाया गया। इसके तत्काल बाद शहडोल में गरीब मजदूर प्रेम लाल अहिरवार को बुरी तरह पीटा गया उसका सिर फट गया और पुलिस ने सामान्य धारा लगाकर बेगार टाल दी। मंडला में स्कूल की बच्चियों की पानी की बोतलों में पानी की जगह पेशाब भर दिया, जिसकी शिकायत इन्होंने अपने परिवारों में की।ये अमानवीय घटनाएं, आए दिन इसलिए घट रही हैं कि मध्य प्रदेश सरकार ने सत्तापोषित तथा संरक्षित अपराधियों को खुला संरक्षण दिया है। इससे अपराधियों का मनोबल आसमान पर है और वे सभी सीमाएं लांग चुके हैं। कई शहरों में बाहुबलियों के डर से लोगों ने अपने घरों के बाहर तख्तियों पर लिखकर टांग दिया है कि- मकान बेचना है। वहीं दूसरी ओर, मणिपुर की जो घटनाएं सोशल मीडिया पर पूरी दुनिया ने देखीं, उससे दुनिया में भारत का सिर शर्म से झुक गया। सत्ताधारी समर्थक लोगों ने, जिस प्रकार महिलाओं को नग्न कर उनका सड़क पर जुलूस निकाला है। वह शायद, दुनिया की अनोखी घटना है। जब यह चीरहरण हो रहा था तो मणिपुर की सरकार, प्रशासन और पुलिस वाले मूकदर्शक बने रहे। क्यों इन बहनों की रक्षा नहीं की? इनमें से एक का पति तो कारगिल युद्ध में भारत की फौज में रहकर लड़ाई लड़ा है। उन्होंने कहा कि जो राजनीतिक घटनाएं सत्ता के प्रभाव से घट रही है उन घटनाओं का एक दुष्परिणाम हुआ है सारा का सारा जो प्रशासन तंत्र अपंग हो गया है और सरकार से कोई उम्मीद नहीं बची इसलिए पार्टी ने तू
तय किया कि राष्ट्रपति को ज्ञापन देंगे उनसे मांग करेंगे कि राज्य सरकार को बर्खास्त किया जाए कुछ लोगों ने इस पर टिप्पणी की कि राष्ट्रपति कहां है सवाल बड़ा मौजू है हमने उनको उत्तर दिया कि राष्ट्रपति जी प्रधानमंत्री निवास में है, उन्होंने कहा कि हम जानते हैं कि उनकी कोई क्षमता नहीं है वह कुछ कर नहीं पाएंगे वह बहुत भली महिला पिछड़ी जाति की हैं उन्होंने कहा कि पिछले राष्ट्रपति रामगोविंद दलित समाज के थे जहां प्रधानमंत्री भाषण दें तो बेचारे हाथ जोड़कर खड़ा हो और प्रधानमंत्री की ओर देखते भी नहीं है जगदीश धनकर साहब जो अभी उपराष्ट्रपति है सारी दुनिया ने देखा के प्रधानमंत्री को चार बार नमस्कार कर रहे हैं प्रधानमंत्री ने तब भी नहीं देखा जहां आज के राष्ट्रपति की हालत यह हो कि प्रधानमंत्री के सामने राष्ट्रपति का सम्मान नहीं है वहां राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के सामने उम्मीद करना बेकार है जहां हिंदुस्तान की व्यवस्था के यह हालात हों वहां इससे आगे क्या उम्मीद की जा सकती है पर हमें यदि अहिंसा में विश्वास है तो लोकतंत्र में इन सब रास्तों के अलावा और कोई रास्ता भी नहीं। अहिंसा के माध्यम से हम दिल्ली के जंतर मंतर से महामहिम राष्ट्रपति जी से हम आज मांग करते हैं कि मणिपुर तथा मध्य प्रदेश दोनों सरकारों को तत्काल बर्खास्त कर, वहां राष्ट्रपति शासन लगाया जाए तथा मणिपुर के मुख्यमंत्री को गिरफ्तार किया जाए।"
पार्टी अध्यक्ष श्री शम्भु दयाल बघेल जी ने धरना स्थल को संबोधित करते हुए कहा कि-" मध्य प्रदेश तथा मणिपुर की घटनाएं, पूरे देश को शर्मसार करने वाली हैं। पूरी दुनिया में देश की बदनामी हो रही है। दोनों प्रदेशों में वहां की सरकारों का समर्थन, ऐसा करने वाले गुंडों को है। मध्यप्रदेश सरकार इनके विरुद्ध कार्रवाई करने में असहाय है !! या कहीं ऐसा तो नहीं कि मध्यप्रदेश में विधानसभा के चुनाव सिर पर हैं इसलिए इन अपने प्रभावशाली लोगों के विरुद्ध, सरकार जानबूझकर कार्यवाही ही नहीं करना चाहती।"
पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्री श्याम सुंदर यादव जी ने कहा कि- "मणिपुर में तो ऐसा लग ही नहीं रहा है कि जैसे वहां कोई सरकार है भी!! प्रधानमंत्री जी, यदि आपमें थोड़ी भी गैरत है तो, इन बहनों की रक्षा के लिए तत्काल, मणिपुर की सरकार को बर्खास्त करा कर, मुख्यमंत्री को गिरफ्तार कराएं क्योंकि यह सब सरकार की शह पर हो रहा है।"
पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्री मुकेश चन्द्रा जी ने कहा कि-" मध्य प्रदेश तथा मणिपुर में वहां के गरीब आदिवासी, दलित तथा आम नागरिक अपने आप को असहाय महसूस कर रहे हैं।"
कार्यक्रम की अध्यक्षता श्रीमति अनिता सिंह जी ने की।उन्होंने राज्य सभा सांसद,जिनको धरना स्थल पर आना था, संसद में हंगामे के कारण धरने पर नहीं पहुंच सके, का संदेश पढ़ कर सुनाया।उन्होंने कहा कि सरकार नारा देती है कि-" बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ।यदि सरकार के इस नारे में ईमानदारी होती तो, मणिपुर में महिलाओं के साथ जैसी बर्बरता और व्यभिचार को होते हुए दुनिया ने देखा है, वह नहीं होता।इससे पूरा देश शर्मिंदा है।"
धरना स्थल पर मुख्य रूप से कर्नल राम,श्री के सी पिप्पल, श्री अरुण प्रताप सिंह,श्री विन्देश्वरी पटेल,सुश्री मीनाक्षी, श्री पुष्पेन्द्र, प्रो जयन्त तोमर, धीर सिंह बघेल,सुश्री आशिया,श्री निसार कुरैशी, श्री भरत सराठे,श्री असगर खान-पत्रकार, ब्रजेन्द्र-एड हाजीपुर, श्री इमाम खान गाजीपुर,श्री अब्दुल आजमी, श्री राकेश कुमार,श्री राघवेंद्र नरवरिया,श्री राजेन्द्र राजन,श्री अनंगपाल राठी-संपादक, एड-राजेंद्र वर्मा,श्री ब्रजेश शर्मा,श्री रईस अन्सारी, श्री नवनीत,मणिपुर की प्रतिनिधि सुश्री ग्लैडी वैफेयी हुन्जन ने भी सम्बोधित किया।
एस डी पी आई के दिल्ली प्रदेश के अध्यक्ष डॉ आई ए खान अपने साथियों के साथ धरने में शामिल हुए। धरने में दिल्ली के साथ-साथ मध्य प्रदेश तथा उत्तर प्रदेश के विभिन्न इलाकों से लोग धरने पर शामिल हुए।
धरने पर- मध्य प्रदेश सरकार बर्खास्त करो- राष्ट्रपति शासन लागू करो-लागू करो लागू करो, मणिपुर सरकार बर्खास्त करो-बर्खास्त करो बर्खास्त करो, मणिपुर के मुख्यमंत्री को- गिरफ्तार करो गिरफ्तार करो,हर जोर जुल्म की टक्कर में- संघर्ष हमारा नारा है- आदि नारे बार बार लगते रहे।
धरने में बड़ी संख्या में लोगों ने भागीदारी की,जिनमें महिलाओं तथा युवाओं की बड़ी भागीदारी रही। धरने के पश्चात महामहिम राष्ट्रपति जी को दो ज्ञापन दिये गए।

