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खाईवालों और सटोरियों की जकड़ में दलौदा, धुंधडका और धमनार

कब चलेगा बापू, जैन, नंदू, पाल, दीपक और महबूब पर प्रशासन का हंटर


मंदसौर। दलौदा में  अपराध और अपराधियों पर शिकंजे के कितने भी दावे कर लें, लेकिन हकीकत यह है की दलौदा में खुले आम सट्टे के खाईवाल जमकर धमाल मचा रहे है। दलौदा थाना प्रभारी संजीव परिहार सट्टे के अवैध खेल को बंद करने में अब तक असफल ही रहे है। सूत्र बताते हैं कि दलोदा, धुंधडका और धमनार में खुल्लेआम चल रहा सट्टे का। पुलिस की ढिलाई के कारण कई युवा सट्टे के दलदल में बर्बादी की कगार पर पहुंच गए है। भरोसेमंद सूत्रों की माने तो दलोदा के नामचीन खाईवालों ने कई धनवानों को गरीबी रेखा से नीचे जीवनयापन करने जैसी हालत पर छोड़ दिया है। दलौदा में कलाली के पीछे दीपक ओर लाली की जोड़ी ने कई लोगों के दीपक बुझा दिए है। यहां तक की गरीबों के घरों में त्यौहार के दिन दीपक में तेल डालने का तेल भी नहीं छोड़ना चाहते है। इतना ही नहीं अंडावाला महबूब खाकी को अंडे  खिला कर खुद भी खाईवाली में जमकर पनप रहा है। खाकी भी इसके अवैध कारनामें को देखकर अनदेखा कर रही है ये समझ से परे है। मंडी रोड पर अख्तर और स्टेशन तरफ बापू और जैन साहब सभी खाईवाली में पनप रहे है। जबकि सट्टे में पैसा कमाने की लालच में कई लोग अपनी जमा पूंजी के साथ - साथ जमीनों ओर घर-बार के साथ - साथ घर के बर्तन तक गंवा चुके है । धुंधडका का नंदू पाल ओर जैन कम समय में धनवान बन बैठे हैं।

जिले के ईमानदार पुलिस कप्तान को सट्टे के दलदल में उलझ रहे गरीबों को बाहर निकलना के सख़्त निर्देश देकर मातहतो की कारगुज़ारियों पर अंकुश लगाना चाहिए ?