भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मुरैना के पिपरसेवा में हो रहा हाईड्रोजन निर्माण इकाई का भूमिपूजन नई औद्योगिक क्रांति, नई ऊर्जा क्रांति और नए मध्यप्रदेश की नींव है। मुरैना की ऐतिहासिक धरती पर स्थापित हो रही यह इकाई ग्वालियर-चंबल क्षेत्र की नई विकास यात्रा का प्रतीक बनेगी। चंबल की भूमि उपजाऊ और कमाऊ होने के साथ ही टिकाऊ भी है। मुरैना जो कभी बीहड़ों के कारण जाना जाता था, आज विकास और प्रगति की नई पहचान बना रहा है। मुरैना अब सिर्फ कृषि प्रधान जिला नहीं रहा बल्कि औद्योगिक हब के रूप में भी उभर रहा है। मुरैना की गजक ग्लोबली ट्रेंड हो रही है। देश की संसद के पुराने भवन का डिजाइन भी मुरैना के मितावली मंदिर से लिया गया था।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को मुरैना जिले के पिपरसेवा में जीएचटू सोलर लिमिटेड की हाईड्रोजन निर्माण इकाई के भूमि-पूजन अवसर पर उपस्थित जनसमुदाय को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष श्री नरेन्द्र सिंह तोमर भी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया और उद्योगपतियों से संवाद कर आशय-पत्र भी वितरित किए।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी किसानों, गरीबों और लघु उद्यमियों के लिए स्वदेशी की लड़ाई लड़ रहे हैं। राज्य सरकार और प्रदेशवासी पूरी प्रतिबद्धता से उनके साथ हैं। मुरैना में आरंभ हो रही हाईड्रोजन इकाई में कोरिया और ब्रिटेन की अग्रणी कम्पनियां तकनीकी सहयोग कर रही हैं। निकट भविष्य में इससे ग्रीन हाईड्रोजन का उत्पादन किया जाएगा। परियोजना से लगभग 500 युवाओं को प्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा, साथ ही रोजगार के कई अप्रत्यक्ष अवसर भी सृजित होंगे। सात एकड़ भूमि पर बनने वाली यह परियोजना पूरे देश को ग्रीन हाइड्रोजन और बैटरी एनर्जी स्टोरेज जैसी अत्याधुनिक तकनीक से जोड़ेगी।
