आपको बता दें कि सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है जिसमें कोलकाता पश्चिम बंगाल की नाजिया इलाही नामक महिला द्वारा पैगंबरे इस्लाम की पाक शख्सियत के खिलाफ अत्यंत घृणित, अमर्यादित और आधारहीन शब्दों का प्रयोग किया है।
उक्त महिला द्वारा दिया गया बयान न केवल तथ्यहीन झूठ पर आधारित है बल्की उसका एक मात्र उद्देश्य जानबूझकर मुस्लिम समुदाय की धार्मिक आस्था पर गहरा आघात करना और समाज में वैमनस्यता फैलाना है। नाजिया इलाही के विरुद्ध देश भर के शांति प्रिय नागरिकों और मुस्लिम समाज में अत्यंत तीव्र आक्रोश एवं मानसिक पीड़ा व्याप्त है। उक्त महिला का कृत्य भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) 2023 की विभिन्न गंभीर धाराओं तथा साइबर अपराधों से संबंधित धाराओं) के तहत एक संज्ञेय और गैरजमानती अपराध की श्रेणी में आता है। मांग की गई है कि तत्काल नाजिया इलाही पर एफआईआर दर्ज कर, उक्त दोषी महिला के विरूद्ध अविलंब प्राथमिकी दर्ज की जाए। धार्मिक भावनाओं को भड़काने और कानून व्यवस्था को संकट में डालने के प्रयास के आरोप में उक्त महिला को तत्काल प्रभाव से गिरफ्तार किया जाए। इंटरनेट और सोशल मीडिया प्लेटफार्म से उक्त विवादित और भड़काऊ वीडियों को तुरंत हटाने हेतु संबंधित साइबर सेल को निर्देशित किया जाए।
ज्ञापन सौंपने वालों में वरिष्ठ अधिवक्ता चांद नियां, जमीयत के सदर मौलाना सैयद जैद अली, मुस्लिम त्योहार कमेटी अध्यक्ष आरिफ राईन, शारिक शाह खान, पूर्व अध्यक्ष हाजी शफीक अली, मौलाना जैद जुल्फी, मुफ्ती एहतेशाम खान, मौलाना अदनान बारी नदवी, मुन्ना अली दाना, हाजी नोमान बेग, मौलाना फरहान, सगीर अली, शकील बाबा, जावेद पठान, अतीक गौरयान, बाबा शोएब पठान, आदि मौजूद थे।
उक्त महिला द्वारा दिया गया बयान न केवल तथ्यहीन झूठ पर आधारित है बल्की उसका एक मात्र उद्देश्य जानबूझकर मुस्लिम समुदाय की धार्मिक आस्था पर गहरा आघात करना और समाज में वैमनस्यता फैलाना है। नाजिया इलाही के विरुद्ध देश भर के शांति प्रिय नागरिकों और मुस्लिम समाज में अत्यंत तीव्र आक्रोश एवं मानसिक पीड़ा व्याप्त है। उक्त महिला का कृत्य भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) 2023 की विभिन्न गंभीर धाराओं तथा साइबर अपराधों से संबंधित धाराओं) के तहत एक संज्ञेय और गैरजमानती अपराध की श्रेणी में आता है। मांग की गई है कि तत्काल नाजिया इलाही पर एफआईआर दर्ज कर, उक्त दोषी महिला के विरूद्ध अविलंब प्राथमिकी दर्ज की जाए। धार्मिक भावनाओं को भड़काने और कानून व्यवस्था को संकट में डालने के प्रयास के आरोप में उक्त महिला को तत्काल प्रभाव से गिरफ्तार किया जाए। इंटरनेट और सोशल मीडिया प्लेटफार्म से उक्त विवादित और भड़काऊ वीडियों को तुरंत हटाने हेतु संबंधित साइबर सेल को निर्देशित किया जाए।
ज्ञापन सौंपने वालों में वरिष्ठ अधिवक्ता चांद नियां, जमीयत के सदर मौलाना सैयद जैद अली, मुस्लिम त्योहार कमेटी अध्यक्ष आरिफ राईन, शारिक शाह खान, पूर्व अध्यक्ष हाजी शफीक अली, मौलाना जैद जुल्फी, मुफ्ती एहतेशाम खान, मौलाना अदनान बारी नदवी, मुन्ना अली दाना, हाजी नोमान बेग, मौलाना फरहान, सगीर अली, शकील बाबा, जावेद पठान, अतीक गौरयान, बाबा शोएब पठान, आदि मौजूद थे।
