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मध्यप्रदेश राज्य पुलिस सेवा के 8 अधिकारियों को आईपीएस अवॉर्ड को हरी झंडी, जांच लंबित होने से राजेश मिश्रा का लिफाफा बंद

  • राज्य मंत्रालय में हुई बैठक की अध्यक्षता यूपीएससी के सदस्य संजय वर्मा ने की

भोपाल।
मध्यप्रदेश राज्य पुलिस सेवा (एसपीएस) के 8 अधिकारियों को भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) में पदोन्नत किया गया है। हालांकि एक अधिकारी का लिफाफा बंद हो गया है, क्योंकि उनके खिलाफ एक शिकायत की जांच लंबित बताई जाती है।
 


मध्यप्रदेश के राज्य पुलिस सोवा के अधिकारियों की पदोन्नति को लेकर राज्य मंत्रालय में गुरुवार को उच्चस्तरीय बैठक हुई, जिसकी अध्यक्षता संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) दिल्ली के सदस्य संजय वर्मा ने की। इस उच्चस्तरीय बैठक में राज्य पुलिस सेवा के कुल 27 अधिकारियों के नामों पर गहनता से विचार-विमर्श किया गया और सीआर (गोपनीय चरित्रावली) के अलावा विभागीय मामलों आदि को भी जांचा-परखा गया। इसके बाद पात्र मिलने वाले 9 में से आठा नामों को हरी झंडी दिखा दी गई, जबकि एक अधिकारी राजेश मिश्रा के नाम को रोका गया है। रोजेश मिश्रा के खिलाफ एक महिला की शिकायत पर जांच लंबित होने से उनके नाम का लिफाफा बंद हो गया। सूत्रों के अनुसार आईपीएस अवॉर्ड होने वालों का अब लगभग पंद्रह दिन में केंद्रीय कार्मिक मंत्रालय दिल्ली से नोटीफिकेशन जारी हो जाएगा।

एसपीएस के इन अफसरों को आईपीएस अवॉर्ड


मध्यप्रदेश राज्य पुलिस सेवा के 1997 बैच के एक और 1998 बैच के सात अधिकारियों को आईपीएस अवॉर्ड के लिए फाइनल किया गया।

-सीताराम ससत्या (1997 बैच)

-निमिषा पांडे (1998 बैच)

-मलय जैन (1998 बैच)

-अमित सक्सेना (1998 बैच)

-मनीषा पाठक सोनी (1998 बैच)

-सुमन गुर्जर (1998 बैच)

-एसएस सराफ (1998 बैच)

-समर वर्मा (1998 बैच)