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एम्पलाई कोड पर तत्काल निर्णय की मांग, उपमुख्यमंत्री ने दिया प्राथमिकता से निराकरण का आश्वासन

  • मध्यप्रदेश लघु वेतन कर्मचारी संघ ने लंबित मांगों को लेकर सौंपा ज्ञापन, जल्द समाधान नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी

भोपाल।  मध्यप्रदेश लघु वेतन कर्मचारी संघ के प्रांत अध्यक्ष महेंद्र शर्मा के नेतृत्व में संघ के प्रतिनिधिमंडल ने माननीय उपमुख्यमंत्री एवं लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री श्री राजेंद्र शुक्ला को चिकित्सा शिक्षा विभाग के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की वर्षों से लंबित समस्याओं एवं न्यायोचित मांगों को लेकर विस्तृत ज्ञापन सौंपा।



प्रतिनिधिमंडल ने चिकित्सा शिक्षा विभाग के समस्त कर्मचारियों का Employee Code तत्काल जारी करने की मांग को सर्वोच्च प्राथमिकता से उठाते हुए बताया कि इसके अभाव में कर्मचारियों को सेवा पुस्तिका संधारण, IFMS/EHMS प्रक्रियाओं, स्थानांतरण एवं अन्य प्रशासनिक कार्यों में लगातार कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। इस पर उपमुख्यमंत्री श्री राजेंद्र शुक्ला ने विषय की गंभीरता को स्वीकार करते हुए प्राथमिकता के आधार पर आवश्यक कार्रवाई कराने का आश्वासन दिया।

ज्ञापन में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के पदनाम को "अस्पताल सहायक" किए जाने, आउटसोर्स व्यवस्था समाप्त कर नियमित भर्ती करने, वर्षों से पदोन्नति से वंचित कर्मचारियों को पदोन्नति का लाभ देने, नेताजी सुभाष चंद्र बोस मेडिकल कॉलेज जबलपुर में व्यापम से भर्ती कर्मचारियों की स्थापना संबंधी विसंगति दूर करने तथा सातवें वेतनमान की काल्पनिक वेतन निर्धारण संबंधी विसंगति समाप्त कर सभी पात्र कर्मचारियों को देय लाभ एवं एरियर प्रदान करने की मांग भी प्रमुखता से रखी गई।

प्रांत अध्यक्ष महेंद्र शर्मा ने कहा कि चिकित्सा शिक्षा विभाग के कर्मचारी लंबे समय से अपनी न्यायोचित मांगों के समाधान की प्रतीक्षा कर रहे हैं। यदि सरकार द्वारा शीघ्र ठोस एवं समयबद्ध निर्णय नहीं लिया गया तो संगठन प्रदेशव्यापी आंदोलन की रूपरेखा तैयार करने के लिए बाध्य होगा, जिसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी शासन एवं प्रशासन की होगी।



इस अवसर पर प्रदेश महामंत्री अजय कुमार दुबे, जिलाध्यक्ष स्वास्थ्य समिति ओम पनगरहा, संभागीय सलाहकार वैद्यनाथन अय्यर एवं जिला उपाध्यक्ष रोहित कुशवाहा भी उपस्थित रहे। सभी पदाधिकारियों ने एक स्वर में कहा कि कर्मचारी हितों से जुड़े मुद्दों पर संगठन पूरी मजबूती के साथ संघर्ष करता रहेगा और जब तक लंबित मांगों का निराकरण नहीं होगा, तब तक कर्मचारियों की आवाज लगातार बुलंद की जाती रहेगी।

संघ ने आशा व्यक्त की कि कर्मचारी हित एवं विभागीय कार्यकुशलता को ध्यान में रखते हुए शासन शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेकर चिकित्सा शिक्षा विभाग के हजारों कर्मचारियों को न्याय प्रदान करेगा।