आग पर काबू पाने में फायरकर्मी अयाज खान , अजीज खान , शमसुद्दीन खान , रोहित कुमार एवं पुलिस आरक्षक शम्स खान सहित मोहल्ले के साहसी युवकों की विशेष भूमिका रही।
महाराणा प्रताप रोड स्थित नवीन समैया मकान में स्थित जनरल स्टोर एवं डायपर की एजेंसी होने से वही पीछे गोदाम में रखी सामग्री में रात के अंतिम पहर अचानक शॉर्ट सर्किट से आग लग गई। जो फैलते- फैलते पूरी दुकान, गोदाम एवं मकान तक पहुंची और जनरल स्टोर सहित गोदाम में रखी पूरी सामग्री व मकान को चपेट में ले लिया।
आग से दुकान व गोदाम की सामग्री , फर्नीचर एवं मकान का एक हिस्सा लकड़ी के दरवाजे -खिड़की , फर्नीचर, फ्रिज , बासिंग मशीन, कूलर , एलईडी टीबी अन्य घरेलू पूरा सामान एवं पूरा किचिन एवं मकान में लोहे एवं लकड़ी के जलकर खाक होने से पूरा मकान क्षतिग्रस्त होने से करीब 20 लाख की हानि होना बताया गया है।
किचिन में रखे गर्म हो चुके गैस सिलेंडर को आरक्षक शम्स खान ने अपनी सूझबूझ से निकालकर नीचे सड़क पर फेंक दिया था। जिससे बड़ी अनहोनी होने से बच गई।
घटना का तब पता चला जब नवीन समैया की धर्मपत्नी मनीषा जूली समैया की सुबह करीब 5 .30 बजे घर में धुंआ भरने से नींद खुल गई । जब उन्होंने धुआं उठते और दुकान में आग की लपटे उठती हुई देखी तो उन्होंने सहायता के लिए चीखपुकार मचाते हुए बचाओ -बचाओ की पुकार लगाना शुरू कर दिया।
आग इतनी भीषण थी कि 6 फायर ब्रिगेड एवं 3 टैंकर पानी डालने के बाद नगरपालिकाकर्मियों एवं दो पुलिसकर्मियों की कड़ी मशक्कत से आग पर काबू पाया जा सका लेकिन तब तक दुकान एवं गोदाम में रखे खिलौने राखी , प्लास्टिक की घरेलू सामग्री , एवं महिलाओं के उपयोग की सामग्री सहित डायपर का भारी स्टॉक जलकर खाक हो चुका था।
किचिन में रखे गर्म हो चुके गैस सिलेंडर को आरक्षक शम्स खान ने अपनी सूझबूझ से निकालकर नीचे सड़क पर फेंक दिया था। जिससे बड़ी अनहोनी होने से बच गई।
घटना का तब पता चला जब नवीन समैया की धर्मपत्नी मनीषा जूली समैया की सुबह करीब 5 .30 बजे घर में धुंआ भरने से नींद खुल गई । जब उन्होंने धुआं उठते और दुकान में आग की लपटे उठती हुई देखी तो उन्होंने सहायता के लिए चीखपुकार मचाते हुए बचाओ -बचाओ की पुकार लगाना शुरू कर दिया।
आग इतनी भीषण थी कि 6 फायर ब्रिगेड एवं 3 टैंकर पानी डालने के बाद नगरपालिकाकर्मियों एवं दो पुलिसकर्मियों की कड़ी मशक्कत से आग पर काबू पाया जा सका लेकिन तब तक दुकान एवं गोदाम में रखे खिलौने राखी , प्लास्टिक की घरेलू सामग्री , एवं महिलाओं के उपयोग की सामग्री सहित डायपर का भारी स्टॉक जलकर खाक हो चुका था।
अग्निकांड की आपाधापी में नवीन समैया की पत्नी मनीषा जुली समैया घबराकर गिरकर बेहोश हो गई और आग की चपेट में आने से बुरी तरह झुलस गई।
जिन्हें तत्काल सिविल अस्पताल लाया गया लेकिन उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें भोपाल रेफर कर दिया है ,जबकि नवीन समैया एवं पुत्र नयन बिट्टू समैया को चोटें आने से उनका उपचार चल रहा है।
तहसीलदार प्रमोद उइके ने बताया कि शासन के नियमानुसार अग्निपीड़ित को सहायता दी जाएगी।