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हुनर को बड़े मंच की जरूरत नहीं… एक मोबाइल और जुनून से ग्रामीण युवाओं ने बना डाली 1 घंटे की फिल्म


खंडवा।
कहते हैं कि हुनर किसी बड़े मंच, महंगे कैमरे या लाखों-करोड़ों रुपये के बजट का मोहताज नहीं होता। अगर जुनून हो, मेहनत करने का जज्बा हो और अपने हुनर को दुनिया के सामने लाने का साहस हो, तो छोटे से छोटे संसाधनों से भी बड़ा काम किया जा सकता है। डिजिटल युग में मोबाइल फोन ने प्रतिभाओं के लिए नई राह खोल दी है। इसी सोच को निमाड़ अंचल के ग्रामीण युवाओं ने हकीकत में बदलकर दिखाया है।

NIMAR CREATION की टीम से जुड़े युवाओं ने महंगे कैमरे और बड़े बजट के बिना महज एक मोबाइल फोन की मदद से करीब एक घंटे की फिल्म “GABBARR IS BACK PART 2 (2.0)” तैयार की है। फिल्म का ट्रेलर लॉन्च होने के बाद यह युवाओं की मेहनत और डिजिटल हुनर को लेकर चर्चा में है। पूरी फिल्म 20 अक्टूबर 2026 को NIMAR CREATION YouTube चैनल पर रिलीज की जाएगी।



नौकरी, खेती और फिल्म निर्माण साथ-साथ

NIMAR CREATION की टीम के अधिकांश युवा पूर्णकालिक फिल्म कलाकार नहीं हैं। कोई नौकरी करता है तो कोई खेती-किसानी से जुड़ा है। इसके बावजूद दिनभर की जिम्मेदारियों के बाद समय निकालकर टीम ने लगभग एक साल तक मेहनत की। किसी ने अभिनय किया, किसी ने शूटिंग संभाली, किसी ने लोकेशन देखी तो किसी ने एडिटिंग और तकनीकी काम किया।

टीम के लिए सबसे बड़ा संसाधन कोई महंगा कैमरा नहीं, बल्कि एक मोबाइल फोन था। इसी मोबाइल से शूटिंग की गई और सीमित संसाधनों में फिल्म को तैयार किया गया। ग्रामीण परिवेश और स्थानीय लोकेशन को ही फिल्म का हिस्सा बनाया गया।

पहले पार्ट से मिली प्रेरणा

यह NIMAR CREATION की पहली कोशिश नहीं है। वर्ष 2025 में “GABBAR IS BACK PART 1” भी मोबाइल से शूट कर रिलीज की गई थी, जिसे दर्शकों का अच्छा प्रतिसाद मिला। इसी से प्रेरित होकर टीम ने दूसरे पार्ट को और बेहतर तरीके से तैयार करने का प्रयास किया।



युवाओं के लिए प्रेरणा

फिल्म के डायरेक्टर भावेश पटेल और कमलेश पटेल का कहना है कि आज हर व्यक्ति के हाथ में मोबाइल है। जरूरत है कि इस तकनीक का इस्तेमाल केवल मनोरंजन के लिए नहीं, बल्कि अपने हुनर और प्रतिभा को दुनिया के सामने लाने के लिए किया जाए।

उनका संदेश है कि संसाधनों की कमी को अपने सपनों के रास्ते की बाधा न बनने दें। गांव का युवा भी अभिनेता बन सकता है, किसान का बेटा भी निर्देशक बन सकता है और मोबाइल फोन भी कैमरा बन सकता है।

“GABBARR IS BACK PART 2 (2.0)” की यह कहानी सिर्फ एक फिल्म की कहानी नहीं, बल्कि इस बात का उदाहरण है कि अगर जुनून और मेहनत हो तो एक मोबाइल भी सपनों को दुनिया तक पहुंचाने का पहला मंच बन सकता है।