- तीन किलोमीटर लंबा रहा जुलूस, तीन दर्जन गणेश प्रतिमाएं हुईं शामिल; पुलिस-प्रशासन रहा मुस्तैद
हिंदू उत्सव समिति के अध्यक्ष सचिन नेमा एवं समिति के पदाधिकारियों और संरक्षकों ने विधि- विधान से पूजा- अर्चना कर चल समारोह का शुभारंभ किया। इसके बाद गणेश प्रतिमाएं भव्य जुलूस के साथ नगर भ्रमण पर निकलीं।
चल समारोह दशहरा मैदान से शुरू होकर भोपाल-सागर मार्ग, पुराना बस स्टैंड, गांधी बाजार, शिवालय चौक, कबीट चौराहा, माला फाटक, जामा मस्जिद रोड और पक्का फाटक होते हुए सागर-भोपाल मार्ग पहुंचा। यहां पूजा-अर्चना के बाद प्रतिमाओं को विसर्जन के लिए सुल्तानगंज रोड स्थित सेमरी नदी घाट ले जाया गया। जगह- जगह हुई पुष्पवर्षा, ढोल-नगाड़ों ने बांधा समां चल समारोह को लेकर नगर को एक दिन पहले ही लाल, पीले और भगवा ध्वजों से सजाया गया था। जुलूस के दौरान जगह-जगह गणेश प्रतिमाओं पर पुष्प वर्षा कर श्रद्धालुओं ने स्वागत किया। घोड़ों का नृत्य, ढोल-नगाड़ों की गूंज और अखाड़ों के प्रदर्शन ने माहौल को भक्तिमय बना दिया।
बीनापुर से आई आदर्श ढोल पार्टी ने जोरदार ढोल वादन कर लोगों का ध्यान आकर्षित किया। जनप्रतिनिधियों, गणमान्य नागरिकों, महिलाओं और श्रद्धालुओं ने जगह जगह श्री गणेश की पूजा-अर्चना की। बड़ी संख्या में नगर एवं ग्रामीण क्षेत्र के लोग चल समारोह में शामिल हुए।
सुरक्षा को लेकर प्रशासन रहा अलर्ट:-
गणेश प्रतिमाओं के विसर्जन के लिए प्रशासन ने सुल्तानगंज रोड स्थित सेमरी नदी घाट को चिन्हित किया था। नदी में जलस्तर अधिक होने के कारण प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए। घाट पर राजस्व विभाग, नगर पालिका और पुलिस प्रशासन के अधिकारी एवं कर्मचारी तैनात रहे।
सुरक्षा व्यवस्था के तहत गोताखोरों की तैनाती के साथ सीसीटीवी कैमरे, पर्याप्त लाइटिंग और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं की गईं। नदी के अन्य घाटों पर भी पुलिसकर्मियों और चौकीदारों की तैनाती की गई थी। सुबह से देर शाम तक श्रद्धालुओं द्वारा गणेश प्रतिमाओं के विसर्जन का सिलसिला चलता रहा।
दस दिनों की आराधना के बाद दी विदाई:-
गणेश चतुर्थी से शुरू हुई श्री गणेश की दस दिवसीय आराधना का समापन अनंत चतुर्दशी पर हुआ। भक्तों ने घरों और मंदिरों में गणेश प्रतिमाओं की स्थापना कर दस दिनों तक पूजा-अर्चना, आरती, भजन और धार्मिक अनुष्ठान किए।
विशेष रूप से बच्चों में गणेश उत्सव को लेकर खासा उत्साह देखने को मिला। बच्चों ने आकर्षक झांकियां सजाईं और पूरे उत्साह के साथ श्री गणेश की आराधना की। अनंत चतुर्दशी पर भक्तों ने श्रद्धा और भक्ति के साथ विघ्नहर्ता को विदाई दी और सुख-समृद्धि की कामना की।