कानपुर के श्याम नगर में उस वक्त खुशियां लौट आईं, जब मर्चेंट नेवी में पिछले 20 वर्षों से सेवाएं दे रहे नितिन शुक्ला सकुशल अपने घर पहुंचे। लखनऊ की कंपनी फ्लीट मैनेजमेंट में कार्यरत नितिन जून महीने में तेल लेने के लिए यूएई गए थे। इसी दौरान हॉर्मुज क्षेत्र में बने तनावपूर्ण हालात के बीच उनका जहाज फंस गया। बीती 9 अक्टूबर को उनके जहाज पर ड्रोन हमला हुआ, जिसके बाद हालात बेहद गंभीर हो गए।
मुसीबत की इस घड़ी में नितिन ने अदम्य साहस का परिचय दिया। उन्होंने सबसे पहले जहाज पर मौजूद 21 क्रू मेंबर्स को लाइफबोट में भेजकर उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की और सबसे आखिर में खुद लाइफबोट में सवार हुए। इस तरह उन्होंने संकट के बीच अपने साथियों की जान बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। हमले में उनके पासपोर्ट और अन्य जरूरी दस्तावेज भी जहाज पर ही जल गए थे।
उधर, कानपुर में नितिन के परिवार की चिंताएं लगातार बढ़ रही थीं। बेटे की सुरक्षित वापसी के लिए परिजनों ने सांसद रमेश अवस्थी से संपर्क किया। इसके बाद उनकी सकुशल वापसी के लिए प्रयास किए गए। आखिरकार नितिन भारत लौट आए। भारतीय जनता पार्टी के सह कोषाध्यक्ष और उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल के उपाध्यक्ष शैल शुक्ला अपने साथियों के साथ अमौसी एयरपोर्ट पहुंचे और नितिन को लेकर उनके श्याम नगर स्थित आवास पर पहुंचे।
नितिन शुक्ला ने घर लौटने के बाद अपने जहाज पर हुए हमले और लाइफबोट के जरिए क्रू मेंबर्स की जान बचाने के अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि किस तरह संकट की घड़ी में सभी ने हिम्मत बनाए रखी। वहीं, लंबे समय बाद परिवार के बीच पहुंचकर उन्होंने राहत और खुशी जाहिर की।
बाइट — नितिन शुक्ला, चीफ इंजीनियर, मर्चेंट नेवी
बेटे की सकुशल वापसी से पिता राजेश शुक्ला भी भावुक नजर आए। उन्होंने नवरात्र के पावन महीने में बेटे के घर लौटने को माता रानी का आशीर्वाद बताया। परिवार के लिए यह पल किसी बड़ी राहत से कम नहीं है। विदेश में जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष करने के बाद नितिन का अपने घर लौटना पूरे परिवार के लिए खुशियों भरा पल बन गया।
