रेलिक रिपोर्टर, भोपाल
चिलचिलाती धूप में ग्राम गोंडीपुरा के मासूम बच्चे और बूढे खुले आसमान तले पडे हैं। बिना नोटिस के अचानक की गई अतिक्रमण विरोधी मुहिम के नतीजे में खाना और पानी से महरूम हो चुके हैं।
भोपाल जिले के ग्राम गोंडीपुरा के ग्रामीणों की जीवन सुरक्षा की मांग करते समाजवादी पार्टी ने सौंपा ज्ञापन
यह कहना है समाजवादी पार्टी मजदूर सभा के प्रदेश अध्यक्ष रामस्वरूप यादव का, जोकि सोमवार को एडीशनल डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट बीएस जामोद को ज्ञापन सौंपने के बाद मीडिया से मुखातिब थे। यादव ने बताया कि बीते 15 मई को एसडीएम हुजूर ने बिना कोई नोटिस या सूचना के अचानक ही ताबडतोड कार्रवाई करते हुए चालीस साल से भी ज्यादा पुराने पुश्तैनी मकानों को तोड़ दिया। इस दौरान महिलाओं और बच्चों को पीटा और घसीटा गया। तोड़फोड़ में घरों में रखा सामान और खाद्यान्न बर्बाद हो गया। इन सभी के पास चालीस साल से ज्यादा कब्जे का रिकॉर्ड और पट्टे सहित दूसरे दस्तावेजों को देखने के बजाय छीनकर और फाड़कर फेंक दिया गया। अब स्थिति यह है कि, गरीब ग्रामीण बिना खाना पानी के पडेÞ हैं। कड़ी धूप में सिर छिपाने की कोई जगह नही हैं। इसके साथ ही यादव ने यह मांग भी की है कि, जो जहां पर बसा है, वहीं पर नवीनीकृत पट्टा दिया जाए और खाने-पीने की व्यवस्था की जाए, ताकि किसी भी हादसे को टाला जा सके।
न पानी, न खाना, न छत, आसमान तले पडे हैं ग्रामीण
मई 18, 2015
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