भले ही यह आश्चर्यजनक लगे, लेकिन बीते दो दिन से बकानिया डिपो का डीजल टैंक लॉक हो गया है। नतीजे में डीजल भरवाने के लिए डिपो के बाहर डेढ़ सौ टैंकर खडे हैं। डीजल सप्लाई नही होने से भोपाल समेत आसपास के आठ जिलो में डीजल की किल्लत शुरू हो गई है। भीषण गर्मी में पानी और साया नहीं होने से ड्राइवरों की तबियत बिगड़ने लगी है।

भोपाल समेत 8 जिलों में डीजल की किल्लत
दो दिन से नही हो पा रही है डीजल की आपूर्ति
भीषण गर्मी में टैंकर ड्राइवरों की तबियत बिगड़ी
राजधानी के अधिकांश पंपों पर डीजल का स्टॉक नहीं होने के बोर्ड लटक गए हैं। इसकी वजह है, बीते दो दिन से बकानिया स्थित रिलायंस डिपो से डीजल का लोड नहीं मिलना। नतीजे में भोपाल समेत सीहोर, रायसेन, विदिशा, राजगढ़, होशंगाबाद, हरदा, बैतूल और छिंदवाड़ा के साथ ही शाजापुर के कुछ हिस्से में डीजल के लिए किसानों के बीच मारामारी मच गई है। गुरूवार शाम को जहां बकानिया डिपो के बाहर 70 टैंकर खडेÞ थे, वहीं शुक्रवार शाम को इनकी तादाद 150 पहुंच गई है। गौरतलब होगा कि, रोजाना हिंदुस्तान के 100, इंडियन के 40 और एस्सार के 24 टैंकर भरे जाते हैं।
बीते तीन साल से परेशानी
मई,2011 में हिंदुस्तान पेट्रोलियम और दिसंबर,2012 में इंडियन आइल का निशातपुरा स्थित डिपो बंद करके बकानिया स्थित रिलायंस के डिपो से सप्लाई शुरू करवाई गई थी। तब से विरोध होता आया है, क्योंकि दोनों कंपनियों की सप्लाई एक ही जगह से होने से दबाव बढ़ गया है और आए दिन डीजल पेट्रोल की किल्लत हो जाती है। ऐसे में दोनों कंपनियों का फंदा के पास बनने वाला एकजाई टैंक तत्काल बनवाने की मांग दिन-ब-दिन तेज होती जा रही है।
कंपनियों का डिपो बनाया जाए
जब से निशातपुरा स्थित हिंदुस्तान और इंडियन के डिपो को बंद करके रिलायंस के डिपो से डीजल और पेट्रोल की सप्लाई शुरू करवाई गई है, तभी से आए दिन ऐसा ही होता रहता है। कल कहा था कि, टैंक लॉक हो गया और रात को रैक नहीं आने से लोड नहीं मिला। वहीं गर्मी के मारे ड्राइवर बीमार हो रहे हैं। जल्द से जल्द कंपनियों का डिपो बनवाया जाए।
-एजाज अहमद, अध्यक्ष, टैंकर्स वर्कर्स एसोसिएशन
