मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के गृह जिले सीहोर के बुदनी क्षेत्र में घायल अवस्था में मिले बाघ की इलाज में देरी के चलते तड़प-तड़प कर मौत हो गई। यह बाघ भोपाल से होशंगाबाद रेलवे ट्रैक के बुदनी मीडघाट पर डाउन पटरी के पास घायल मिला था। इस बाघ के घायल अवस्था में झरने के पास पडे होने की सूचना बुधवार को रेल पटरी सुधारने में लगी गैंग ने बुदनी फॉरेस्ट आॅफिस को दी थी, लेकिन वन महकमा गुरूवार दोपहर दूसरी बार सूचना मिलने के बाद ही नींद से जागा।

72 घंटे की देरी पड़ी भारी, फॉरेस्ट की रेस्क्यू टीम रही नाकाम
बुदनी के पास घायल मिले बाघ का वक्त पर नहीं हो सका इलाज
बुदनी के पास घायल मिले बाघ का वक्त पर नहीं हो सका इलाज
बुधवार से पड़ा था घायल बाघ, शुक्रवार को पहुंची रेस्क्यू टीम
सूत्रों का कहना है कि, मिडघाट पर रेलवे पोल नंबर 77858 के पास ट्रैक में सुधार कार्य में रेलवे गैंग लगी थी। बुधवार को झरने के पास एक बाघ होने की सूचना गैंग के सदस्यों ने फॉरेस्ट आॅफिस को दी, लेकिन ध्यान नहीं दिया गया। इसके बाद गुरूवार को एक बार फिर करीब 100 मीटर दूर झरने पर पानी पीने गैंगमैन जितेंद्र प्रसाद और मोहन गए। झरने के पास पहुंचने पर जितेंद्र को अचानक ही बाघ दिखाई दिया तो उसका घबराहट में उसका चश्मा और हाथ से खाने का डिब्बा वहीं गिर गया। जान बचाने दोनों पेड़ पर चढ़ने की कोशिश करने लगे, तभी उनका ध्यान गया कि शेर एक ही जगह बैठा देख रहा था। इस पर ध्यान से देखा तो उसके कमर पर लाल खून लगा था और हिल-डुल भी नहीं पा रहा था। इसकी सूचना फिर से बुदनी फॉरेस्ट आॅफिस पहुंचकर रेंजर अभय भूरिया को दी गई। इसके बाद भोपाल से रेस्क्यू टीम रवाना हुई, लेकिन रात ज्यादा हो जाने से सर्चिंग नहीं हो सकी। शुक्रवार सुबह से ढूंढ़ने की शुरूआत हो सकी, जिसमें घायल बाघ मरणासन्न हालत में मिला।
किसी भारी वाहन से हाई-वे पर टकराने से घायल होने की आशंका
वन विभाग का दावा है कि बाघ की मौत किसी ट्रेन से टकराने के बाद घायल होने के कारण हुई है। दूसरी ओर माना जा रहा है कि, हाई-वे क्रास करने के दौरान किसी ट्रक या भारी वाहन से टक्कर लगी होगी। इसकी वजह यह है कि, रातापानी अभ्यारण्य में शिकार और पानी की बेहद कमी होने से बाघ और दूसरे वन्य प्राणी रेलवे ट्रैक के बाद हाई-वे क्रास कर जाते हैं। बावजूद, न तो रातापानी अभ्यारण्य में पानी का इंतजाम किया जा सका है और न ही हाई-वे की ओर बाघों के आने पर रोक लगाई जा सकी है।
भोपाल-होशंगाबाद हाई-वे पर कई बार देखा गया है बाघ
-हाई-वे पर ट्रक के हॉर्न से चौंक कर बाघ छलांग लगाकर भोपाल से जा रही कार के ऊपर कूद गया था।
-बुदनी स्थित वर्धमान फैक्ट्री के सीसीटीवी कैमरे में बाघिन और उसके दो शावक की फोटो आ चुकी है।
-फरवरी,2015 में हाई-वे पर बाघ के गुजरने की सूचना कई वाहन चालकों ने फॉरेस्ट आॅफिस में दी है।
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एक्सीडेंट में घायल होने के बाद हुई है बाघ की मौत
बाघ की मौत की पूरी डिटेल कल मिल जाएगी। ढूंढ़ने में देरी हुई, क्योंकि रेलवे ट्रैक के बगल में घने जंगल में घायल होने के बाद बाघ चला गया था। उसकी मौत ज्यादा चोटें लगने से हुई है।
महेंद्र यादुवेंदु्, चीफ कंजर्वेटर, भोपाल सर्कल
सूत्रों का कहना है कि, मिडघाट पर रेलवे पोल नंबर 77858 के पास ट्रैक में सुधार कार्य में रेलवे गैंग लगी थी। बुधवार को झरने के पास एक बाघ होने की सूचना गैंग के सदस्यों ने फॉरेस्ट आॅफिस को दी, लेकिन ध्यान नहीं दिया गया। इसके बाद गुरूवार को एक बार फिर करीब 100 मीटर दूर झरने पर पानी पीने गैंगमैन जितेंद्र प्रसाद और मोहन गए। झरने के पास पहुंचने पर जितेंद्र को अचानक ही बाघ दिखाई दिया तो उसका घबराहट में उसका चश्मा और हाथ से खाने का डिब्बा वहीं गिर गया। जान बचाने दोनों पेड़ पर चढ़ने की कोशिश करने लगे, तभी उनका ध्यान गया कि शेर एक ही जगह बैठा देख रहा था। इस पर ध्यान से देखा तो उसके कमर पर लाल खून लगा था और हिल-डुल भी नहीं पा रहा था। इसकी सूचना फिर से बुदनी फॉरेस्ट आॅफिस पहुंचकर रेंजर अभय भूरिया को दी गई। इसके बाद भोपाल से रेस्क्यू टीम रवाना हुई, लेकिन रात ज्यादा हो जाने से सर्चिंग नहीं हो सकी। शुक्रवार सुबह से ढूंढ़ने की शुरूआत हो सकी, जिसमें घायल बाघ मरणासन्न हालत में मिला।
किसी भारी वाहन से हाई-वे पर टकराने से घायल होने की आशंका
वन विभाग का दावा है कि बाघ की मौत किसी ट्रेन से टकराने के बाद घायल होने के कारण हुई है। दूसरी ओर माना जा रहा है कि, हाई-वे क्रास करने के दौरान किसी ट्रक या भारी वाहन से टक्कर लगी होगी। इसकी वजह यह है कि, रातापानी अभ्यारण्य में शिकार और पानी की बेहद कमी होने से बाघ और दूसरे वन्य प्राणी रेलवे ट्रैक के बाद हाई-वे क्रास कर जाते हैं। बावजूद, न तो रातापानी अभ्यारण्य में पानी का इंतजाम किया जा सका है और न ही हाई-वे की ओर बाघों के आने पर रोक लगाई जा सकी है।
भोपाल-होशंगाबाद हाई-वे पर कई बार देखा गया है बाघ
-हाई-वे पर ट्रक के हॉर्न से चौंक कर बाघ छलांग लगाकर भोपाल से जा रही कार के ऊपर कूद गया था।
-बुदनी स्थित वर्धमान फैक्ट्री के सीसीटीवी कैमरे में बाघिन और उसके दो शावक की फोटो आ चुकी है।
-फरवरी,2015 में हाई-वे पर बाघ के गुजरने की सूचना कई वाहन चालकों ने फॉरेस्ट आॅफिस में दी है।
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एक्सीडेंट में घायल होने के बाद हुई है बाघ की मौत
बाघ की मौत की पूरी डिटेल कल मिल जाएगी। ढूंढ़ने में देरी हुई, क्योंकि रेलवे ट्रैक के बगल में घने जंगल में घायल होने के बाद बाघ चला गया था। उसकी मौत ज्यादा चोटें लगने से हुई है।
महेंद्र यादुवेंदु्, चीफ कंजर्वेटर, भोपाल सर्कल
