स्थानान्तरण नीति 2017 की आड़ लेकर प्रताड़ना
की भावना से जबरिया ट्रान्सफर न हों और इसके अलावा कतिपय तत्व इसे तबादला उद्योग
के रूप विकसित न कर पाएं। मध्यप्रदेश तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ के प्रान्ताध्यक्ष
डॉ. सुरेश गर्ग ने यह बात न्यूज रैलिक के माध्यम से प्रदेश के मुख्यमंत्री और
सामान्य प्रशासन मंत्री के सामने रखी है। डॉ. गर्ग ने कहा है कि इस संबंध में वह मुख्यमंत्री,
साप्रवि मंत्री, मुख्य सचिव और प्रमुख सचिव, साप्रवि को पत्र लिखकर भी अनुरोध करेंगे।
डॉ. गर्ग ने आशंका जाहिर की है कि अभी हाल ही में कई कर्मचारी संगठनों ने प्रभावी
हड़ताल की हैं, जिससे सरकार के कामकाज पर असर पड़ा था, इसलिए उन हड़तालों और स्थानान्तरण
पर हटे बैन को आपस में न जोड़ा जाए। गर्ग ने कहा है कि अपनी मांगों के लिए धरना,
प्रदर्शन और हड़ताल करना लोकतंत्र में वैधानिक है। ज्ञात हो कि 1 जून से 30 जून 2017 तक तबादलों से
बैन हटाया गया है।दुर्भावना से न हों स्थानान्तरण
मई 09, 2017
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स्थानान्तरण नीति 2017 की आड़ लेकर प्रताड़ना
की भावना से जबरिया ट्रान्सफर न हों और इसके अलावा कतिपय तत्व इसे तबादला उद्योग
के रूप विकसित न कर पाएं। मध्यप्रदेश तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ के प्रान्ताध्यक्ष
डॉ. सुरेश गर्ग ने यह बात न्यूज रैलिक के माध्यम से प्रदेश के मुख्यमंत्री और
सामान्य प्रशासन मंत्री के सामने रखी है। डॉ. गर्ग ने कहा है कि इस संबंध में वह मुख्यमंत्री,
साप्रवि मंत्री, मुख्य सचिव और प्रमुख सचिव, साप्रवि को पत्र लिखकर भी अनुरोध करेंगे।
डॉ. गर्ग ने आशंका जाहिर की है कि अभी हाल ही में कई कर्मचारी संगठनों ने प्रभावी
हड़ताल की हैं, जिससे सरकार के कामकाज पर असर पड़ा था, इसलिए उन हड़तालों और स्थानान्तरण
पर हटे बैन को आपस में न जोड़ा जाए। गर्ग ने कहा है कि अपनी मांगों के लिए धरना,
प्रदर्शन और हड़ताल करना लोकतंत्र में वैधानिक है। ज्ञात हो कि 1 जून से 30 जून 2017 तक तबादलों से
बैन हटाया गया है।
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