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सरकारी मुलाजिमों ने छेड़ी सुर लहरियां




प्रदेश में पहली बार राज्‍य शासन के विभिन्‍न विभागों के कर्मचारियों और अधिकारियों ने आज राजधानी स्थित दुष्‍यन्‍त कुमार संग्रहालय सभागार में कराओके म्‍यूजिक सिस्‍टम की सहायता से अपनी गायन प्रतिभा का प्रदर्शन किया। ज्ञात हो राजधानी के अलग अलग विभागों के कर्मचारियों ने सुर शंकरा नाम के म्‍यूजिकल ग्रुप का निर्माण किया है
      कार्यक्रम में अनूप तिवारी ने सोचेंगे तुम्‍हें प्‍यार करें कि नहीं,  आर.एम. सिन्‍हा ने जाने कहां गए वो दिन,  डॉ. सन्‍दीप अग्रवाल ने महुआ फिल्‍म का गीत दोनों ने किया था प्‍यार मगर, मोहन अय्यर ने हंसनी ओ मेरी हंसनी, डॉ. सुरेश गर्ग ने बड़ी दूर से आए हैं प्‍यार का तोहफा लाए हैं, मनीष मांडलिक ने तुम भी चलो हम भी चलें, अतुल अग्रवाल ने चल अकेला, एन्‍ड्रू जोब ने याद आ रहा है तेरा प्‍यार, संजय लाड़ ने आदमी जो कहता है आदमी जो सुनता है और उमेश गर्ग ने डोली में बैठाए के कहार का गायन कराओके पर किया। जोइस थॉमस ने मंच संचालन तथा संतोष वर्मा ने संगीत नियंत्रण कार्य किया।
      राजधानी के वरिष्‍ठ और स्‍थापित गायक असलम हमदुले, सुनील शुक्रवारे, निशा द्विवेदी, अस्‍मत रावत इस अवसर पर विशेष रूप से उपस्थित थे। कार्यक्रम का उद्धाटन पार्षद अमित शर्मा और वरिष्‍ठ कवि और गीतकार अशोक निर्मल द्वारा किया गया।