मुख्यमंत्री
श्री कमल नाथ ने कहा है कि भारत ही शायद ऐसा एकमात्र देश है, जहाँ
प्रशासनिक अधिकारी को अपने सेवाकाल के दौरान सर्वाधिक अनुभव होते हैं।
अनुभव की विविधता ही उनकी पूंजी बन जाती है और सेवाकाल समाप्त होते-होते वे
ज्ञान का जलाशय बन जाते हैं। उन्होंने कहा कि यह भी विचार करने
की आवश्यकता है कि समृद्ध अनुभवों का लाभ प्रदेश और समाज को कैसे और किस
रूप में मिले।
श्री
नाथ ने आज यहां मंत्रालय में सेवानिवृत हो रहे मुख्य सचिव श्री बसंत
प्रताप सिंह को औपचारिक विदाई दी। श्री नाथ ने कहा कि श्री सिंह ने
कर्तव्यनिष्ठा और कर्मठता के साथ प्रदेश को अपनी सेवाएँ दी हैं । प्रशासनिक
सेवा में उनके योगदान को याद रखा जाएगा।
मुख्यमंत्री ने
कहा कि प्रशासनिक अधिकारियों को अचीवमेंट और फुलफिलमेंट का हमेशा ध्यान
रखना चाहिये और लक्ष्य तय करना चाहिये1 उन्होने कहा कि दोनों में संतुलित
मिलाप होना चाहिये। प्रशासनिक सेवा से जुड़े अधिकारियों को हमेशा
फुलफिलमेंट की तरफ बढ़ना चाहिए क्योंकि उन्होंने सेवा में चयनित होकर
अचीवमेंट तो पहले ही हासिल कर लिया है। श्री नाथ ने विनोदपूर्ण लहजे में
कहा कि हर प्रशासनिक सेवक सेवानिवृत्त होता है लेकिन राजनीति में
सेवानिवृत्ति जनता तय करती है।
सेवानिवृत्त
हो रहे मुख्य सचिव श्री सिंह ने कहा कि उन्हें मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ
के साथ काम करने का बहुत कम समय मिला। उन्होंने कहा कि श्री नाथ एक साफ
नजरिया रखने वाले राजनेता है। उनके निर्देशों में स्पष्टता होती है। इसलिए
उनके परिणाम भी अच्छे और जल्दी मिलते हैं ।
मुख्यमंत्री
ने श्री सिंह को स्मृति स्वरूप उपहार भेंट किया। अपर मुख्य सचिव श्री
प्रभांशु कमल ने कार्यक्रम का संचालन किया। इस अवसर पर सभी वरिष्ठ अधिकारी
उपस्थित थे। प्रमुख सचिव सामान्य प्रशासन श्रीमती अरुण रश्मि शमी ने आभार
व्यक्त किया।