बेंगलुरु
केंद्रीय मंत्री अनंत कुमार हेगड़े ने कर्नाटक कांग्रेस अध्यक्ष दिनेश गुंडु राव के बारे में कहा कि वह ऐसे व्यक्ति हैं, जो मुस्लिम महिला के पीछे भागे थे। इस बारे में दिनेश गुंडु राव की पत्नी तबस्सुम राव
ने जवाब दिया है। उन्होंने कहा कि मंत्री को जबान संभालकर बात करना चाहिए
और उन्हें अपने पद की गरिमा का ख्याल रखना चाहिए। बता दें कि हेगड़े ने
अपनी टिप्पणी में तबस्सुम राव को ही निशाना बनाया था।
इससे एक दिन पहले ही हेगड़े की उस टिप्पणी को लेकर भी विवाद खड़ा हो
गया था, जिसमें उन्होंने कहा था कि ‘जो हाथ एक हिंदू लड़की को छुए, उसे
वहां नहीं रहना चाहिए’। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने भी कांग्रेस नेता
की पत्नी के बारे में हेगड़े की विवादित टिप्पणी की आलोचना करते हुए कहा कि
वह केंद्रीय मंत्री बने रहने के लायक नहीं बल्कि बर्खास्त किए जाने लायक
हैं।
तबस्सुम बोलीं-चुनाव में मेरा इस्तेमाल न करें
गुंडु राव की पत्नी तबस्सुम ने कहा, 'नेताओं को एक निश्चित सीमा नहीं
लांघनी चाहिए और उन्हें अपनी भाषा का ख्याल रखना चाहिए। मैं कहना चाहती हूं
कि मैं कोई नेता नहीं बल्कि हाउस वाइफ हूं। आप मुझे चुनाव में ध्रुवीकरण
के लिए क्यों इस्तेमाल करना चाहते हैं? आपको यह भी बता दूं कि वह (गुंडु
राव) कभी मेरे पीछे नहीं भागे, हमारी शादी नैतिक है। मेरे ऊपर हमला करना
गलत है।'
गुंडु राव ने भी हेगड़े द्वारा रविवार को मादीकरी में एक कार्यक्रम में
दिए गए उस बयान के लिए उन्हें आड़े हाथों लिया, जिसमें उन्होंने कहा था कि
हिंदू लड़की के शरीर को छूने वाले हाथ वहां नहीं रहने चाहिए। उन्होंने कहा
कि (हिंदू) समुदाय को इतिहास लिखना चाहिए, सिर्फ उसका पाठक नहीं होना
चाहिए। गुंडु राव ने ट्वीट करके हेगड़े से पूछा था, 'केंद्रीय मंत्री या
सांसद बनने के बाद आपकी उपलब्धियां क्या रही हैं? कर्नाटक के विकास में
आपका क्या योगदान है? मैं निश्चित रूप से यह कह सकता हूं कि यह अफसोस की
बात है कि ऐसे लोग मंत्री बन गए हैं और सांसद के रूप में चुने जाने में
कामयाब रहे हैं।'
गुंडु राव ने भी किया पलटवार
इसके बाद राव पर निशाना साधते हुए हेगड़े ने कहा, 'मैं जरूर इस शख्स के
सवाल का जवाब दूंगा लेकिन उससे पहले वह कृपया अपनी उपलब्धियों का खुलासा
करें? मैं इस शख्स को केवल इस तरह जानता हूं, जो एक मुस्लिम महिला के पीछे
भागा था।' राव ने कहा, 'यह दुखद है कि वह इस तरह बात कर रहे हैं लेकिन इस
हद तक गिरना और व्यक्तिगत टिप्पणी करना संस्कृति के अभाव को दिखाता है।
अनुमान लगाता हूं कि उन्होंने हिंदू ग्रंथों से कुछ भी नहीं सीखा है।'
