साेमवार को संभागायुक्त कार्यालय में कान्ह और सरस्वती नदी के पुर्नजीवन कार्यों की समीक्षा बैठक संपन्न हुई। बैठक के दौरान संभागायुक्त ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए है कि उद्योगों से निकलने वाला गंदा पानी किसी भी कीमत पर कान्ह और सरस्वती नदी में नहीं मिलना चाहिए।
बैठक के दौरान संभागायुक्त आकाश त्रिपाठी ने कहा कि कान्ह नदी में इंदौर के उद्योगों का अपशिष्ट किसी भी दशा में नहीं मिलना चाहिए। नगर निगम और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की संयुक्त टीम हर औद्योगिक इकाई में जाकर इस संबंध में किए गए उपायों का निरीक्षण कर एक सप्ताह में रिपोर्ट प्रस्तुत करें।
बैठक में बताया गया कि इंदौर में कुल 97 उद्योगों को चिन्हित किया गया है। इनके डिस्चार्ज नदी की ओर जाते हैं। इन सभी को निर्देशित किया गया है कि वे अपने परिसर में टैंक बनाएं और डिस्चार्ज को वहां इकट्ठा होने दें। ट्रीटमेंट के बाद ही यह डिस्चार्ज निष्प्रयोजित होगा।
सीपी शेखर नगर के काम में लाए तेजी
बैठक के दौरान संभागायुक्त ने सीपी शेखर नगर में काम की प्रगति और बढ़ाने के निर्देश दिए। इस क्षेत्र में 52 किलोमीटर लंबाई की सीवरेज लाइन डाली जानी है। वहीं नगर निगम अधिकारियों ने बताया कि कि चिड़ियाघर, नहर भंडारा और प्रतीक सेतु राजेन्द्र नगर के पास में कार्य प्रगति पर हैं। हुकुमा बिजलपुर में 4 कंपोनेंट में कार्य किया जा रहा है। जबकि राधास्वामी हिम्मत नगर के पास 30 फीसदी कार्य पूरा हो गया है।
बैठक के दौरान संभागायुक्त ने सीपी शेखर नगर में काम की प्रगति और बढ़ाने के निर्देश दिए। इस क्षेत्र में 52 किलोमीटर लंबाई की सीवरेज लाइन डाली जानी है। वहीं नगर निगम अधिकारियों ने बताया कि कि चिड़ियाघर, नहर भंडारा और प्रतीक सेतु राजेन्द्र नगर के पास में कार्य प्रगति पर हैं। हुकुमा बिजलपुर में 4 कंपोनेंट में कार्य किया जा रहा है। जबकि राधास्वामी हिम्मत नगर के पास 30 फीसदी कार्य पूरा हो गया है।
बैठक में कलेक्टर लोकेश कुमार जाटव, नगर निगम आयुक्त आशीष सिंह, इंदौर विकास प्राधिकरण सीईओ विवेक श्रोत्रिय व अन्य अधिकारी उपस्थित थे।