नई दिल्ली । दुनिया को 20% ऑक्सीजन देने वाला अमेजन का जंगल जल रहा है। वन्यजीव और पौधों की 300 करोड़ प्रजातियां खुद को बचाने के लिए संघर्ष कर रही हैं। पिछले 2 साल में 100 करोड़ पेड़ आग की चपेट में पहले ही आ चुके हैं। हाल ही में यहां फैली आग का दायरा तेजी से बढ़ रहा है। दक्षिण अमेरिका के 9 देश इससे जूझ रहे हैं। सोशल मीडिया पर #amazonfire ट्रेंड कर रहा है। दुनियाभर के लोग गुस्से में हैं और अपनी -अपनी तरह से क्रिएटिव पोस्ट और मीम्स बनाकर #SaveAmazon अभियान चला रहे हैं।
अमेजन के वर्षा वन को बचाने के लिए सोशल मीडिया पर प्रार्थना करने की अपील की जा रही है। ट्विटर पर फ्रेंच वैज्ञानिक हुबर्ट रीवेस का एक बयान वायरल हो रहा है, जिसमें उन्होंने कहा है, इंसान धरती की सबसे उन्मादी प्रजाति है। वह अदृश्य ईश्वर की पूजा करता है लेकिन आंखों से दिखने वाली कुदरत को बर्बाद करता है। सोशल मीडिया यूजर्स देशों को अपने विवाद भूलकर अमेजन के जंगल के लिए एक साथ आने की अपील कर रहे हैं।'
सोशल मीडिया यूजर आक्रोशित भी हैं क्योंकि उनका मानना है अभी भी दुनियाभर के लोग जंगल को बचाने की मुहिम में एकजुट नहीं हो रहे हैं। यूजर तबाह हुए जंगल की तुलना फ्रांस के 850 साल पुराने चर्च नोत्रोदेम से कर रहे हैं। 15 अप्रैल को चर्च में आगे लगने से यह ध्वस्त हो गया था। इसके जीर्णोद्धार के लिए पैसा जुटाया गया था और एक बड़ी राशि इकट्ठा हुई थी। यूजर्स का कहना है चर्च को दोबारा जीवित करने के लिए लोग इकट्ठा हुए लेकिन जंगल को बचाने के लिए नहीं सामने आए। सोशल मीडिया पर जारी एक तस्वीर में लिखा गया है नोत्रोदेम तो दोबारा बन सकता है अमेजन का जंगल नहीं।
