अमृतसर। पाकिस्तानी सेना जम्मू-कश्मीर में धमाकों के लिए अफगानिस्तान के आतंकियों को भर्ती कर रही है। खुफिया विभाग ने अलर्ट जारी किया कि पाक सेना ने करीब 60 अफगानी आतंकियों को भर्ती किया, जिन्हें नियंत्रण रेखा (एलओसी) से घुसपैठ कराने की कोशिश होगी। इससे पहले पंजाब पुलिस ने बताया था कि पाक से 9 और 16 सितंबर के बीच करीब 8 चीनी ड्रोन से 80 किलो विस्फोटक सामग्री पंजाब और जम्मू-कश्मीर भेजी गई।
पंजाब के पुलिस प्रमुख दिनकर गुप्ता ने भी मंगलवार को बताया था कि पाक के आतंकी संगठन जम्मू-कश्मीर में बड़े धमाकों की साजिश रच रहे। इसके लिए पाक सेना और आईएसआई आतंकी संगठन खालिस्तान जिंदाबाद फोर्स (केजेडएफ) का समर्थन कर रही है।
छोटे-छोटे ग्रुप में घुसपैठ की कोशिश
खुफिया विभाग के मुताबिक, पाक सेना और उनकी खुफिया एजेंसी आईएसआई अफगानी आतंकियों को पाक के खैबर पख्तूनख्वा में ट्रेनिंग दे रहे हैं। इन सभी को एलओसी के नजदीक लॉन्च पैड पर लाया जाएगा। यहां से इन आतंकियों की 24 से 48 घंटे के बीच छोटे-छोटे ग्रुप में घुसपैठ की कोशिश रहेगी। यह सभी आतंकी जम्मू-कश्मीर और पंजाब में फिदायीन हमला कर सकते हैं। भर्ती किए गए सभी अफगानी आतंकियों की इसी महीने के तीसरे हफ्ते में पंजाब प्रांत के बहावलपुर में एक बैठक हुई थी। इस दौरान जम्मू-कश्मीर में धमाकों की साजिश रची गई।
आतंकियों से भारी मात्रा में गोला-बारूद बरामद
दिनकर के मुताबिक, 22 सितंबर को पंजाब के तरनतारन से 4 आतंकी गिरफ्तार किए थे। ये सभी बलवंत सिंह, आकाश रंधावा, हरभजन सिंह और बलबीर सिंह पाक के स्लीपर सेल हैं। इनके पास से 5 एके-47, पिस्तौल, सैटेलाइट फोन, हथगोले के अलावा भारी मात्रा में गोला-बारूद बरामद किया गया।
पंजाब में आतंक फिर से स्थापित करने की साजिश
डीजीपी के मुताबिक, केजेडएफ इस आतंकी मॉड्यूल को पाकिस्तान और जर्मनी में बैठकर चला रहा है। गिरफ्तार आतंकियों के पास जो हथियार और गोला-बारूद बरामद हुआ, वह भी संभवतः ड्रोन के द्वारा ही पाक से भेजा गया था। उन्होंने बताया कि केजेडएफ ने स्थानीय अपराधी और कुछ स्लीपर सेल्स को जोड़ते हुए पंजाब में आतंक को दोबारा स्थापित करने की साजिश रची थी।
अमरिंदर बोले- यह खतरनाक चुनौती
मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने गृह मंत्री अमित शाह से इसे गंभीरता से लेने की मांग की। अमरिंदर ने ट्वीट किया कि अनुच्छेद-370 खत्म होने से बौखलाए पाक की ओर से हथियार और गोला-बारूद गिराना खतरनाक चुनौती है। उन्होंने उम्मीद जताई कि अमित शाह इस चुनौती से निपटने के जल्द उपाय करेंगे।
