इस्लामाबाद। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने सोमवार को कहा कि देश में अगर कोई धरने का एक्सपर्ट है तो वह मैं हूं। विपक्षी पार्टियां आजादी मार्च के नाम पर सर्कस कर रही हैं। प्रदर्शनकारी इस्लामाबाद में एक महीने भी नहीं रह सकते। इमरान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) ने पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के खिलाफ 2014 में 126 दिनों तक विरोध मार्च निकाला था।
हवेलियन में लोगों को संबोधित करते हुए इमरान ने विपक्षी नेताओं को चेतावनी देते हुए कहा कि प्रदर्शनकारियों को कभी माफ नहीं करूंगा। विपक्षी नेताओं के मकसद सही नहीं हैं। यही वजह है कि उन्होंने कंटेनरों में धरने की राजनीति का सहारा लिया है। विपक्षियों ने अपने प्रदर्शन को ऐसा रूप दिया है, जैसे वे माफिया के खिलाफ लड़ेंगे। हमारी सरकार केवल सड़क निर्माण करने के बजाय मानवीय विकास योजनाओं पर ज्यादा पैसा खर्च करेगी।
इमरान से ज्यादा बेगैरत प्रधानमंत्री नहीं देखा: रहमान
इस महीने की शुरुआत में जमीयत-उलेमा-ए इस्लाम-फजल (जेयूआई-एफ) के मुखिया मौलाना फजलुर रहमान ने करीब दो लाख प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए सरकार को अल्टीमेटम दिया था। उन्होंने कहा था कि हम इमरान खान को दो दिन यानी 48 घंटे का वक्त देते हैं। वे इस्तीफा दें और घर जाएं। पाकिस्तान ने इमरान से ज्यादा बेगैरत प्रधानमंत्री नहीं देखा। उन्होंने मुल्क को बेच दिया है। इमरान ने इस्तीफे से इनकार करते हुए मौलाना को एक तरह से भारत का एजेंट बताया था।
आजादी मार्च में नवाज शरीफ के भाई भी शामिल
जेयूआई-एफ ने 27 अक्टूबर से मार्च शुरू किया है। कराची से इस्लामाबाद पहुंचे इस आजादी मार्च में नवाज शरीफ के भाई शहबाज और पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के अध्यक्ष बिलावल भुट्टो भी शामिल हुए थे।
