मुरैना। ‘मैं जानती हूं कि मेरे पति की एक गलती की वजह से कोरोना की बीमारी मुरैना पहुंच गई। हमारे देवर-देवरानी, भाई-भतीजों समेत 14 लोग बीमार हो गए लेकिन मेरे पति ने यह जान-बूझकर नहीं किया। अपनी इस गलती के लिए हम सभी रिश्तेदारों से हाथ जोड़-जोड़कर माफी भी मांग रहे हैं कि हमसे गलती हो गई। लेकिन देवर के उलाहने और ताने मुझे कोरोना से ज्यादा जख्म पहुंचा रहे हैं। वो कहता है कि हम लोगों का खून पीकर तेरा पेट नहीं भरा, जो यह बीमारी लगा दी।’ यह बात स्वस्थ होकर लौटे जिले के पहले संक्रमित युवक सुरेश बरेठा की पत्नी जागेश ने दैनिक भास्कर से चर्चा में कही।
जोगेश अपनी व्यथा सुनाते हुए फफक-फफककर रो पड़ी। बोली-अब हमसे गलती तो हो गई, सबसे माफी भी मांग ली। रिश्तेदारों के उलाहने से दुख होता है। रिश्तेदार कहते हैं कि तुम्हारे पति की वजह से हम सब लोग इस मुसीबत में फंस गए हैं। रिश्तेदारों के बारे में पूछे जाने पर सुरेश की पत्नी ने बताया कि जेठ आदि ने तो बीमारी में हमारा सहयोग किया, हमारा हौसला बढ़ाया लेकिन मेरे साथ भर्ती देवर कीर्तिराम हमारे परिवार को कोरोना की बीमारी फैलाने के लिए जिम्मेदार मान रहा है।
मैं फिर से सबसे माफी मांगती हूंजिला अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में भर्ती देवर कीर्तिराम कहता है कि हम लोगों का खून पीकर तेरा पेट नहीं भरा, जो यह बीमारी लगा दी। रोते-रोते जागेश ने बताया कि मेरी तबीयत ठीक है लेकिन हाथ-पैरों में कंपकंपी हो रही है। पेट में जलन होती है। मैं उससे कहती हूं कि भैया बीमारी हुई लेकिन सब लोग ठीक भी तो हो गए। मेरे पति इस संकट की घड़ी में भी मजबूती से खड़े हैं लेकिन परिवार, मोहल्ले वालों से माफी मांग चुके हैं। मैं दोबारा सबसे हाथ जोड़कर कहती हूं कि ईश्वर हम सबके साथ है, बीमारी ठीक हो गई, सबकी जान बच गई।
देवर की कराई है काउंसिलिंगमुरैना सीएमएचओ डॉ. आरसी बांदिल ने बताया कि कोरोना पॉजीटिव मरीजों की यूं तो रोज काउंसिलिंग होती है। लेकिन आइसोलेशन वार्ड में भर्ती सुरेश के छोटे भाई कीर्तिराम की हमने आज स्पेशल काउंसिलिंग कराई। हमने उसे समझाया कि यह इतनी गंभीर बीमारी नहीं, जिसका इलाज न हो सके। 14 में से 7 लोग स्वस्थ होकर घर लौट गए, शेष 7 में से 4 की रिपोर्ट भी आज निगेटिव आ गई। दूसरी सैंपल रिपोर्ट आने के बाद इन चार लोगों को भी घर भेज दिया जाएगा।
