भोपाल। मध्यप्रदेश सरकार ने श्रम सुधारों में श्रमिक हितों के संरक्षण पर विशेष जोर दिया है। ओवर टाइम के लिये श्रमिक की सहमति कानूनी रूप से जरूरी होगी। सहमति के आधार पर ओवर टाइम करवाने पर दरें दो गुनी रहेंगी। बाल श्रमिकों का नियोजन यथावत प्रतिबंधित रहेगा।
ओवर टाइम के लिये श्रमिक की सहमति कानूनी रूप से आवश्यक होगी। श्रमिकों के हित में ओवर टाइम के लिये दोगुनी दरें यथावत देना बंधनकारी होगा। श्रमिकों को समय पर वेतन भुगतान संबंधी प्रावधान पूर्वानुसार लागू रहेंगे। महिला श्रमिकों को समान कार्य के लिये समान वेतन संबंधी लाभ के कानून यथावत रहेंगे। श्रमिकों के स्वास्थ्य एवं सुरक्षा को सर्वोपरि मानते हुए इससे संबंधित कानूनी प्रावधानों से कोई समझौता नहीं किया गया है।
ओवर टाइम के लिये श्रमिक की सहमति कानूनी रूप से आवश्यक होगी। श्रमिकों के हित में ओवर टाइम के लिये दोगुनी दरें यथावत देना बंधनकारी होगा। श्रमिकों को समय पर वेतन भुगतान संबंधी प्रावधान पूर्वानुसार लागू रहेंगे। महिला श्रमिकों को समान कार्य के लिये समान वेतन संबंधी लाभ के कानून यथावत रहेंगे। श्रमिकों के स्वास्थ्य एवं सुरक्षा को सर्वोपरि मानते हुए इससे संबंधित कानूनी प्रावधानों से कोई समझौता नहीं किया गया है।