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तहसील के दर्जनों गांवों में पानी की किल्लत


                                                         कुए से पानी भरते हुए लोग

बेगमगंज। तहसील के ग्रामीण क्षेत्रों में पीने के पानी की किल्लत कोई नई नहीं है हर साल गर्मियों के सीजन में ग्रामीणों को दूर दराज से पानी लेकर आना मजबूरी बना हुआ है। ऐसे ग्रामों मंे पानी की पर्याप्त व्यवस्था के लिए किए गए प्रयासों के सार्थक परिणाम अभी तक सामने नहीं आ सके है यही कारण है कि ग्रामीणांे को खेतों में
बने जल स्त्रोतांे से पानी भरकर लाना  पड़ता है। लंबे समय से जलसंकट की त्रासदी भोग रहे ग्रामवासी, इस वर्ष भी ग्रीष्म ऋतु में जलसंकट की चपेट में आ गए है। ग्रामीण क्षेत्रों में जलस्तर काफी नीचे चला गया है। विगत वर्षों में पंचायतों द्वारा कराए गए नवीन बोरो से भी पानी की पूर्ति नही हो पा रही है। जिसके कारण लोग पानी के लिए परेशान हो रहे है। तहसील क्षेत्र के दर्जनांे  गाँवों में जलसंकट के हालात बने हुए है। क्षेत्रवासी हर साल जल संकट से जूझते है तथा इस बार भी जलसंकट के हालात बन गए है। शासन द्वारा इस समस्या के स्थायी हल के लिए लंबे समय बाद भी कोई प्रयास नही किए है। छोटे मोटे प्रयास ग्रामीण क्षेत्रों के लिए नाकाफी साबित होते है।
इन ग्रामों में शुरू हो चुका है जल संकटः- 
तहसील क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले पांडाझिर, सुनेहरा, कीरतपुर, ख्ैारी, हप्सिली, बेरखेड़ी,  कोकलपुर, चैनपुरा, पीरपहाड़ी, सिल्तरा, सागोनी, ककरूआ, झिरिया, कस्बा चैका, कल्यानपुर, बर्री, मूडला चावल, उमरखोह,  हुआखेड़ा, दुर्गा नगर, केशलोन,  जमुनिया टेकापार, मरखेड़ा गुलाब, मदनी, सुनवाहा, उदका, उमरहारी, भजिया, आदि सहित दर्जनों ग्रामों में पानी के लिए परेशान हो रहे हैं जो पाँच से दस किलोमीटर तक, खेतों में लगे नलकूपों या कुआंे से पानी लाने के लिए मजबूर हैं।                 
                                                                                             मरखेड़ा में बैलगाड़ी से पानी ढोते हुए
पानी लाने में बच्चे भी करते है सहयोगः-
 ग्रामीण क्षेत्रों मंे दूर दराज से पानी भरकर लाने में  छोटे - छोटे बच्चे भी सहयोग करते है परिजनों के साथ पीने
के पानी के लिए करीब एक से दो किमी तक बच्चे जाते है और अपने नन्हे हाथों में या सिर पर छोटे वर्तनों में पानी भरकर लाते है। कई ग्रामीण मोटरसाईकिल, साईंकिल, बैल गाड़ी,ट्रैक्टर ट्राली मंे टंकियां रखकर  व अन्य साधनों से पानी भरकर ला रहे हैं। कई ग्रामों मंे पंचायतांे द्वारा सही देखरेख नहीं करने के कारण षासन द्वारा संचालित नल- जल योजना के तहत सप्लाई कई दिनों से बंद पढीहै। हैण्डपम्पों का पानी सूख चुका है जिसके चलते खेतों पर लगे हुए टयूबबेलों से पानी भरकर लाना पढता है।
इनका कहना है 
जल समस्या को लेकर ग्रामों में व्यवस्थाऐं की जारही है,ग्रामीणांे को पानी के लिए परेशान नहीं होने दिया जाएगा। बिगड़े हैंड पम्प या जल स्तर नीचे जाने वाले हैंड पम्पों का सुधार कराकर पाइप लाइन बड़वाई जा रही है।
                                                                                                          (एसएल कोली एसडीओ पीएचई)
     

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